पालघर : दहाणू तालुक के वनगांव ग्राम पंचायत क्षेत्र में 78 परिवारों को शौचालय निर्माण के लिए 12-12 हजार रुपए की सब्सिडी दी गई है, लेकिन यह देखा गया है कि कई लाभार्थी धनी परिवारों के हैं। इस कदाचार के संबंध में पंचायत समिति के माध्यम से जांच कराई जाएगी। वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान वनगांव ग्राम पंचायत सीमा में 78 परिवारों ने शौचालय का निर्माण कराया था। शौचालय के आवश्यक दस्तावेज व फोटो जियो टैगिंग कर वेबसाइट पर अपलोड किए गए। हितग्राहियों को शासकीय अनुदान दिलाने का प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण वास्तव में अनुदान मिलने में देरी हो रही थी। इस बीच विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि नए ग्राम सेवक द्वारा ग्राम पंचायत का प्रभार संभालने के बाद ग्राम पंचायत के कर्मचारियों और पंचायत समिति के पूर्व सदस्यों ने उन्हें गुमराह किया और प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने और लाभार्थियों को अनुदान वितरित करने का दबाव बनाया।
दिलचस्प बात यह है कि लाभार्थियों की सूची में पूर्व सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, भूमिहीन और ऐसे लाभार्थी शामिल हैं, जिन्होंने अठारह वर्ष की आयु पूरी नहीं की है। वहीं, देखने में आया है कि इस लिस्ट में कुछ संपन्न परिवारों के लोग और एक ही परिवार के दो-तीन लाभार्थी शामिल हैं। जानकारी यह भी सामने आई है कि यह सूची पंचायत समिति के एक पूर्व सदस्य द्वारा दहाणू पंचायत समिति कार्यालय में जमा करायी गयी है।
जिला परिषद उपाध्यक्ष पंकज कोरे ने की शिकायत
जिला परिषद उपाध्यक्ष पंकज कोरे ने इसकी शिकायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी से की है। पंचायत समिति की समूह विकास अधिकारी पल्लवी सास्ते ने बताया कि जिला परिषद में दर्ज शिकायत पंचायत समिति के पास आने के बाद मामले की जांच कर प्रत्येक हितग्राही के शौचालय व उनके परिवार व आर्थिक स्थिति का अध्ययन कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जायेगा। कुछ स्थानीय राजनीतिक दलों द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर कुछ धनी परिवारों को शौचालय सब्सिडी का लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। इसलिए विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, छोटे जमींदार, भूमिहीन जैसे हितग्राहियों की सूची में ठाकुर, पटेल और कुछ अन्य अमीर परिवारों के लोगों के नाम शामिल किए गए हैं।


