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New Delhi : बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर की विजेता की घोषणा 16 फरवरी को

नई दिल्ली : (New Delhi) रास्ते अलग-अलग रहे हैं, लेकिन भारतीय खेलों पर इनका प्रभाव समान रूप से गहरा और निर्णायक है। अंजू बॉबी जॉर्ज और दीपा मलिक (Anju Bobby George and Deepa Malik) आज भारतीय महिला खेल की उस सोच को आकार दे रही हैं, जो पहुंच, विश्वास और समावेशन पर आधारित है। बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर (BBC Indian Sportswoman of the Year) की विजेता की घोषणा 16 फरवरी को की जाएगी। ग्रैंड जूरी सदस्य के रूप में अंजू बॉबी जॉर्ज और दीपा मलिक इसी दृष्टिकोण को पुरस्कार प्रक्रिया में लेकर आती हैं।

अंजू बॉबी जॉर्ज के लिए यह सफर केरल के एक छोटे से कस्बे से शुरू (journey began in a small town in Kerala) हुआ, जब उस दौर में जब लड़कियों के लिए खेल को प्रोत्साहन मिलना दुर्लभ था। तमाम विरोध और चोटों से जूझते हुए उन्होंने इतिहास रचते हुए विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत के लिए पहला पदक जीता। आज वह युवा खिलाड़ियों के साथ काम कर रही हैं और खेल में दृश्यता व पहचान के महत्व पर लगातार जोर देती हैं। अंजू बॉबी जॉर्ज ने कहा कि जब महिलाओं की यात्राओं को पहचान मिलती है, तो उनके प्रयास और महत्वाकांक्षा को मान्यता मिलती है। इससे उन्हें यह एहसास होता है कि उनकी कहानियां मायने रखती हैं।

इसी तरह दीपा मलिक की खेल यात्रा ने धारणाओं को और भी गहराई से चुनौती दी है। रीढ़ की हड्डी में ट्यूमर के कारण कमर से नीचे लकवाग्रस्त होने के बाद भी उन्होंने खेल को सिर्फ वापसी के साधन के तौर पर नहीं, बल्कि अपनी पहचान को नए सिरे से परिभाषित करने के माध्यम के रूप में अपनाया। उनका पैरालंपिक पदक न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि था, बल्कि इसने उम्र, क्षमता और अवसर को लेकर बनी सोच को भी बदला।दीपा मलिक ने कहा कि खेल ने सीमाओं से ध्यान हटाकर संभावनाओं पर केंद्रित किया। पहचान और सम्मान लोगों को आगे बढ़ने और अपनी जगह बनाने का आत्मविश्वास देता है।

इन दोनों की साझा सोच इस साल के बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर की संपादकीय थीम ‘एवरी बॉडी कैन प्ले’ में (Every Body Can Play) नजर आती है। यह थीम एक सरल, लेकिन मजबूत संदेश देती है कि खेल हर किसी के लिए है और इसका प्रभाव केवल नतीजों से नहीं, बल्कि समावेशन और अवसर से भी आंका जाता है। इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर उन महिलाओं को सम्मानित करता है, जिन्होंने ऐसे क्षेत्रों में कदम रखा, जो हमेशा उनके लिए बनाए नहीं गए थे।

बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर की विजेता की घोषणा 16 फरवरी को की जाएगी। ये पुरस्कार उन खिलाडियों को दिए जाएंगे, जिन विजेता का चयन जूरी विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों की शॉर्टलिस्ट में से करेगी। बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर 2025 के लिए दिव्या देशमुख (शतरंज), हरमनप्रीत कौर (क्रिकेट), स्मृति मंधाना (क्रिकेट), सुरुचि सिंह (शूटिंग) और ज्योति याराजी (एथलेटिक्स) (Divya Deshmukh (chess), Harmanpreet Kaur (cricket), Smriti Mandhana (cricket), Suruchi Singh (shooting) and Jyoti Yaraji (athletics)) नामांकित किया गया है।

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