नई दिल्ली : तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के मामले में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। उक्त घटना के दो सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। पहली फुटेज दो मिनट 47 सैकेंड की है। इस फुटेज में चार कैदियों ने वारदात को कैसे वीभत्स तरीके से अंजाम दिया है, यह दिखाई दे रहा है। वहीं दूसरा फुटेज 47 सैकेंड का है। इसमें पुलिस द्वारा बाहर लाए जा रहे अचेत अवस्था में टिल्लू के ऊपर दोबारा से चारों कैदी हमला करते दिख रहे हैं।
इन फुटेज में यह साफ देखा जा सकता है कि यह है चारों आरोपित कैदियों ने पांच से छह पुलिसकर्मियों के सामने ही टिल्लू पर पर तेज धारदार हथियार से हमला किया, लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश नहीं की। सवाल उठ रहा है कि क्यों पुलिसकर्मियों ने चारों कैदियों को नहीं रोका? माना जा रहा है कि इस वारदात के बाद जेल के कई पुलिसकर्मियों के ऊपर गाज गिर सकती है।
जेल की गिनती खुलते ही दिया वारदात को अंजाम
गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया के हत्या के चश्मदीद रोहित ने बताया कि वह दिल्ली की तिहाड़ जेल नंबर 8 के वार्ड नम्बर 5 के सेल नम्बर 7 में बंद है, जबकि टिल्लू सेल नम्बर 8 में बंद था। रोहित ने बताया कि वार्ड के ही ब्लाक में गोगी गैंग के सदस्य रियाज, राजेश, योगेश टुंडा और दीपक तित्तर बंद थे। ये चारों टिल्लू से रंजिश रखते थे और गोगी की हत्या के लिए उसे जिम्मेदार मानते थे। रोहित ने बताया कि दो मई को सुबह करीब 6 बजे गिनती खुल चुकी थी। उस दौरान सभी लोग बैरक में ही थे। जबकि टिल्लू बाहर बरामदे में घूम रहा था।
रोहित ने बताया कि वह भी अपने सेल में ही था। तभी टिल्लू भागते हुए सेल में आया और बोला कि जल्दी दरवाजा बंद करो। कुछ लोग चाकू लेके मारने आ रहे हैं। इस पर रोहित और टिल्लू ने सेल का ग्रिल वाला दरवाजा बंद करने की कोशिश की। इतने में ही दरवाज़े के बाहर योगेश टुंडा और दीपक तित्तर आ गए, जिसके बाद वो दरवाजे में धक्का मारके खोलने की कोशिश करने लगे।
इस दौरान जब हमने दरवाजा पकड़ के रोकने की कोशिश की तो योगेश टुंडा और दीपक तित्तर ने ग्रिल के बाहर से ही चाकुओं से वार करना शुरू कर दिया। इतने में ही पीछे से रियाज भी आ गया, वो टिल्लू को कह रहा था कि आज तेरा काम ही खत्म कर देंगे। रोहित का कहना है उसने टिल्लू को बचाने की काफी की। इस पर राजेश और रियाज ने कहा कि अगर कोई भी बीच बचाव करने आया तो साथ में वो भी मरेगा। इसके बाद जान से मारने की नियत से उस पर भी चाकू से प्रहार किया। रोहित ने हाथ लगाकर अपना बचाव किया, जिससे उसके हाथ में चाकू लग गए। उधर, दीपक, योगेश और रियाज ने खींच के सेल का दरवाजा खोल लिया। सेल का दरवाजा खुलते ही राजेश योगेश, रियाज और दीपक सेल के भीतर घुसकर टिल्लू को चाकू मारते हुए जबरन बाहर खींचकर ले गए।
इस दौरान टिल्लू ने बचने की कोशिश की तो योगेश टुंडा ने उसे दबोच कर गिरा लिया। उस दौरान दीपक और रियाज को चिल्लाकर कहा कि मारो साले को आज बचना नहीं चाहिए। जिसके बाद दीपक, रियाज और योगेश ने टिल्लू के पेट, छाती, गर्दन आदि के ऊपर ताबड़तोड़ चाकू से वार किए। इस दौरान सेल में अगर किसी ने भी टिल्लू को बचाने की कोशिश की होती तो उस पर भी जानलेवा हमला हो जाता। वे चिल्ला चिल्ला कर कह रहे थे कि बीच में कोई भी आया तो मारा जाएगा। हालांकि, कुछ देर में जेल का स्टाफ भी वहां आ गया और बड़ी मुश्किल से स्टाफ ने उन्हें हटाया।
बाद में उसने देखा की वे चारों लोग बी ब्लाक, जो कि फर्स्ट फ्लोर पर है, उस ग्रिल का सरिया तोड़कर उसके रास्ते ग्रिल में चादर बांधकर नीचे ए ब्लाक में उतरे थे, जिससे कोई टिल्लू को बचा न सके। घटना के बाद में स्टाफ ने टिल्लू और चश्मदीद रोहित को लेकर दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल आ गए। इस दौरान रोहित ने बताया कि उसे हॉस्पिटल में ही पता चला कि टिल्लू की मौत हो गयी है।


