नई दिल्ली : (New Delhi) तृणमूल कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग (Election Commission) से मिलने के बाद आज निर्वाचन सदन के बाहर धरने पर बैठ गया। हालांकि बाद में दिल्ली पुलिस ने धरने पर बैठे प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों काे जबरन वहां से हटाते हुए हिरासत में लिया।
इसमें पांच सांसद व पार्टी के अन्य सदस्य हैं। इनका आरोप है कि केन्द्र सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ इस्तेमाल कर रही है। इनकी मांग है कि चुनाव आयोग ईडी, सीबीआई, एनआईए और आयकर विभाग के शीर्ष अधिकारियों को बदले।
चुनाव आयोग से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में सांसद डेरेक ओ’ब्रायन, डोला सेन, साकेत गोखले और सागरिका घोष थीं। चुनाव आयोग के दफ्तर निर्वाचन सदन के बाहर बैठे तृणमूल नेताओं ने बैनर और पोस्टर हाथों में ले रखे थे, जिनमें तत्काल उपरोक्त एजेंसियों के प्रमुखों को बदलने की मांग की गई थी।
तृणमूल सांसद डोला सेन का कहना है कि पिछले हफ्ते हम दो बार चुनाव आयोग गए थे। हमने मांग की थी कि चुनाव के दौरान सभी दलों को समान अवसर मिलने चाहिए। जिस तरह से केंद्र सरकार एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है, वह ठीक नहीं है। पहले से ही दो विपक्षी मुख्यमंत्री सलाखों के पीछे हैं। हमारे दो कार्यकर्ताओं को एनआईए ने कल गिरफ्तार किया है।


