नई दिल्ली : (New Delhi) प्रो कबड्डी लीग (Pro Kabaddi League) (PKL) सीजन 12 का ग्रैंड फिनाले शुक्रवार को दिल्ली के त्यागराज इंडोर स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां दबंग दिल्ली के.सी. और पुनेरी पलटन (Dabang Delhi KC and Puneri Paltan) आमने-सामने होंगे। यह मुकाबला न सिर्फ खिताब का फैसला करेगा, बल्कि पूरे सीजन की सबसे स्थिर और अनुशासित टीमों के बीच अंतिम जंग भी होगी।
दबंग दिल्ली, जिसने सीजन 8 में खिताब जीता था, इस बार भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक पहुंची है। क्वालिफायर-1 में दिल्ली ने पुनेरी पलटन को रोमांचक 6-4 टाईब्रेकर में हराया था, जब निर्धारित समय में स्कोर 34-34 से बराबर रहा। कप्तान आशु मलिक की अगुवाई में और कोच जोगिंदर नरवाल (captain Ashu Malik and the strategy of coach Joginder Narwal) की रणनीति के तहत टीम ने हर मुश्किल परिस्थिति में संघर्ष और संयम दिखाया है।
वहीं पुनेरी पलटन ने क्वालिफायर-2 में तेलुगू टाइटंस (Telugu Titans in Qualifier 2) को हराकर लगातार तीसरी बार फाइनल में जगह बनाई है। कप्तान अस्लम इनामदार और कोच अजय ठाकुर के नेतृत्व में पलटन ने इस सीजन में सबसे संतुलित टीम के रूप में पहचान बनाई है। उनकी मजबूत रक्षा और युवा रेडर्स की जोड़ी ने पूरे टूर्नामेंट में विपक्षी टीमों को मुश्किल में डाला।
दिल्ली और पुणे (Delhi and Pune) के बीच इस सीजन तीन बार भिड़ंत हो चुकी है, और सभी तीनों मुकाबले टाई पर खत्म हुए हैं — जो इस बात का सबूत है कि दोनों टीमें एक-दूसरे की बराबरी की हैं। दिल्ली जहां आशु मलिक की तेज़ रेडिंग पर निर्भर रही है, वहीं पुणे की ताकत उनके अनुशासित डिफेंडरों और टीमवर्क में झलकती है।
घरेलू मैदान पर खेलने का फायदा दिल्ली को जरूर मिलेगा। उनके अनुभवी खिलाड़ी जैसे फज़ल अत्राचली, सौरभ नंदल और आशु मलिक (Fazel Atrachali, Saurabh Nandal, and Ashu Malik) बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। टीम का डिफेंस हर मैच के साथ मजबूत हुआ है और करीबी मुकाबलों में उनकी जीत दर्ज करने की क्षमता उन्हें खास बनाती है।
दूसरी ओर, पुनेरी पलटन पिछले सीजन की हार का बदला लेने के लिए पूरी तरह तैयार है। युवा रेडर आदित्य शिंदे और अस्लम इनामदार ने आक्रामक खेल दिखाया है, जबकि डिफेंस यूनिट ने सामूहिक प्रदर्शन से टीम को यहां तक पहुंचाया है।
दबंग दिल्ली के कोच जोगिंदर नरवाल (Dabang Delhi coach Joginder Narwal) ने कहा, “मैं अपनी टीम पर बेहद गर्व महसूस करता हूं। हमने साथ मिलकर यह सफर तय किया है। यह सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि पूरी टीम की मेहनत का नतीजा है। खिलाड़ियों ने हर परिस्थिति में एकजुट रहकर लड़ा है, और यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।”
वहीं पुनेरी पलटन के कोच अजय ठाकुर (Puneri Paltan coach Ajay Thakur) ने कहा, “हमारी सफलता की नींव एकता और अनुशासन पर टिकी है। एक चैंपियन टीम एक दिन में नहीं बनती, इसमें समय, भरोसा और मेहनत लगती है। मुझे इस टीम पर गर्व है क्योंकि इन खिलाड़ियों का एक-दूसरे के प्रति सम्मान उनके खेल में झलकता है।”
फाइनल मुकाबला एक बार फिर बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। दोनों टीमें रणनीति, संतुलन और आत्मविश्वास में बराबर हैं। अब देखना यह होगा कि निर्णायक क्षणों में कौन अपनी नसों पर काबू रखता है और पीकेएल सीजन 12 की ट्रॉफी अपने नाम करता है।


