नई दिल्ली : (New Delhi) साइबर सिक्योरिटी फर्म टेक डिफेंस लैब्स सॉल्यूशंस (cybersecurity firm Tech Defence Labs Solutions) के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में जबरदस्त एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 193 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म (NSE’s SME platform) पर इसकी लिस्टिंग 90 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 366.70 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से इस शेयर की चाल में और तेजी आ गई, जिसके कारण थोड़ी ही देर में ये उछल कर 385 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक पहुंच गया। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों का पैसा लगभग डबल हो गया।
टेक डिफेंस लैब्स सॉल्यूशंस का 38.99 करोड़ रुपये का आईपीओ 15 से 17 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से शानदार रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 718.30 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (Qualified Institutional Buyers) (QIBs) के लिए रिजर्व पोर्शन 284.17 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (Non-Institutional Investors) (NIIs) के लिए रिजर्व पोर्शन में 1,279.03 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 726.06 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 20,20,200 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने ह्यूमन रिसोर्स में निवेश करने, अहमदाबाद में ग्लोबल सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर का सेटअप करने वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो प्रॉस्पेक्टस में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 94 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 3.24 करोड़ रुपये और 2024-25 में उछल कर 8.40 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का राजस्व 99 प्रतिशत वार्षिक से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़ कर 30.23 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो यह वित्त वर्ष 2022-23 के आखिरी में ये 1.55 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2023-24 के आखिरी में बढ़ कर 4.79 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 के आखिरी में उछल कर 16.68 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।


