नई दिल्ली : (New Delhi) उच्चतम न्यायालय ने दादर और नागर हवेली के पूर्व सांसद मोहन डेलकर के खुदकुशी मामले में केस (case of former Dadar and Nagar Haveli MP Mohan Delkar) को बंद करने के बांबे उच्च न्यायालय के आदेश पर मुहर लगा दी है। चीफ जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने ये आदेश दिया।
बांबे उच्च न्यायालय (Bombay High Court) ने 8 सितंबर, 2022 को मोहन डेलकर को हत्या के लिए उकसाने के आरोप में 9 आरोपितों को बरी करने का आदेश दिया था। इस मामले में दादर और नागर हवेली के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल (administrator Praful Patel) भी आरोपितों में से एक थे। मोहन डेलकर के पुत्र अभिनव डेलकर ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर करके बांबे उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी।
मोहन डेलकर (Mohan Delkar) 22 फरवरी, 2021 को मुंबई के मरीन ड्राइव इलाके के एक होटल में मृत पाए गए थे। उनके बेटे अभिनव डेलकर (son Abhinav Delkar) की शिकायत पर पुलिस ने मार्च, 2021 में प्रफुल्ल पटेल समेत नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर में कहा गया था कि प्रफुल्ल पटेल के अलावा डीएम संदीप सिंह, एसपी शरद दराडे, डिप्टी कलेक्टर अपूर्वा शर्मा, एसडीपीओ मनस्वी जैन, इंस्पेक्टर मनोज पटेल, रोहित यादव, दिलीप पटेल और फत्ते सिंह चौहान ने सांसद को परेशान कर खुदकुशी के लिए उकसाया था। एफआईआर में कहा गया था कि इन आरोपितों ने मोहन डेलकर के नियंत्रण वाले कालेज को अपने कब्जे में लेने के लिए उन्हें परेशान किया था।


