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NEW DELHI : उच्चतम न्यायालय ने अखिल भारतीय बार परीक्षा आयोजित करने के बीसीआई के अधिकार की पुष्टि की

नई दिल्ली : नयी दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को अखिल भारतीय बार परीक्षा (एआईबीई) कराने की भारतीय विधिज्ञ परिषद (बीसीई) की शक्तियों की पुष्टि की।

अदालतों में वकालत पेशा करने के लिए इस परीक्षा में उत्तीर्ण होना आवश्यक है।

न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पांच-सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा, “इस तरह के मानदंडों और नियमों के लिए अधिवक्ता अधिनियम के तहत भारतीय विधिज्ञ परिषद को पर्याप्त शक्तियां मौजूद हैं। इसका प्रभाव ऐसा है कि यह बीसीआई पर छोड़ दिया जाता है कि एआईबीई को किस चरण में आयोजित किया जाना है – नामांकन से पहले या बाद के चरण में।

शीर्ष अदालत का यह आदेश उस याचिका पर आया है, जिसमें एआईबीई से संबंधित कई मुद्दों की पड़ताल की गई थी। इनमें यह मुद्दा भी शामिल था कि अधिवक्ता अधिनियम, 1961 के तहत बीसीआई द्वारा किस स्तर पर परीक्षा निर्धारित की जा सकती है।

संविधान पीठ ने मामले में दलीलें सुनने के बाद पिछले साल सितंबर में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति अभय एस ओका, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति जे के माहेश्वरी शामिल थे।

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