
नई दिल्ली : (New Delhi) देश का प्राइमरी मार्केट एक बार फिर रफ्तार पकड़ता हुआ नजर आने लगा है। मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (Securities and Exchange Board of India) (SEBI) ने अलग-अलग सेक्टर की पांच कंपनियों को आईपीओ लाने के लिए ऑब्जर्वेशन लेटर जारी कर दिया है। यानी सेबी की ओर से इन कंपनियों को आईपीओ लाने की मंजूरी मिल गई है।
सेबी ने इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट, एग्रीकल्चर, हॉस्पिटेलिटी, रियल एस्टेट और हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर की कंपनियों को आईपीओ लाने के लिए मंजूरी दी है। इन कंपनियों में हॉस्पिटेलिटी सेक्टर में काम करने वाली ओयो की पैरेंट कंपनी ऑरवेल स्टेज, रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनी विगालैंड डेवलपर्स, अफॉर्डेबल हाउसिंग फाइनेंस कंपनी ट्रू होम फाइनेंस, एग्रीकल्चर सेक्टर की कंपनी एडवांटा एंटरप्राइजेज और इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी मेहता हाइटेक इंडस्ट्रीज हैं।
सबसे पहले बात करते हैं ओयो की पैरंट कंपनी ऑरवेल स्टेज की। यह कंपनी हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में टेक्नोलॉजी बेस्ड प्लेटफॉर्म चलाती है। कंपनी होटल, वेकेशन होम्स और अन्य रेसिडेंशियल सर्विस के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बन चुकी है। सेबी ने कंपनी को 6,650 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने के लिए ऑब्जर्वेशन लेटर जारी कर दिया है। कंपनी की योजना अपने आईपीओ के जरिए कारोबार बढ़ाने के लिए फंड जुटाने की है। इस आईपीओ के जरिए कंपनी अपना वैल्यूएशन बढ़ा कर 66 हजार करोड़ तक ले जाना चाहती है। कुछ साल पहले तक लगातार नुकसान का सामना कर रही यह कंपनी पिछले कुछ वर्षों से मुनाफा कमाने की राह पर चल पड़ी है, जिसकी वजह से इसके आईपीओ को लेकर प्राइमरी मार्केट में लोगों के बीच काफी उत्साह बना हुआ है।
इसी तरह केरल की रियल एस्टेट कंपनी विगालैंड डेवलपर (Vegaland Developers) को भी मार्केट रेगुलेटर सेबी ने आईपीओ लाने के लिए ऑब्जर्वेशन लेटर जारी कर दिया है। आईपीओ के जरिए कंपनी 250 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। इस आईपीओ में सिर्फ नए शेयर जारी किए जाएंगे। कोई ऑफर फॉर सेल नहीं होगा। आईपीओ के जरिए मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने, नई जमीन की खरीदारी करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों को पूरा करने में करेगी।
सेबी ने अफॉर्डेबल हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (affordable housing finance company) ट्रू होम फाइनेंस को भी आईपीओ लाने के लिए मंजूरी दे दी है। इस आईपीओ के जरिए कंपनी प्राइमरी मार्केट से 3,000 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। इस आईपीओ में 1,500 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि 1,500 करोड़ रुपये के शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए बेचे जाएंगे। ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए कंपनी का मौजूदा शेरधारक मैंगो क्रेस्ट इन्वेस्टमेंट अपनी हिस्सेदारी कम करेगा। आईपीओ में नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने कैपिटल बेस को मजबूत करने और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में करेगी।
एग्रीकल्चर सॉल्यूशन उपलब्ध कराने वाली कंपनी एडवांटा एंटरप्राइजेज को भी सेबी ने आईपीओ लाने के लिए मंजूरी दे दी है। कंपनी का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल के रूप में होगा। इस आईपीओ के तहत कंपनी के मौजूदा शेरधारक 3.61 करोड़ इक्विटी शेयर की बिक्री करेंगे। एडवांटा एंटरप्राइजेज हाइब्रिड बीज और फसल की कटाई के बाद की प्रोसेसिंग से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराती है।
इसी तरह इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी मेहता हाइटेक इंडस्ट्रीज (Mehta Hitech Industries) को भी सेबी ने आईपीओ लाने के लिए मंजूरी दे दी है। कंपनी आईपीओ के तहत 62 लाख नए इक्विटी शेयर जारी करेगी। आईपीओ के जरिए जुटाई गई राशि का इस्तेमाल कंपनी कैपिटल एक्सपेंडिचर और वर्किंग कैपिटल की जरूरत को पूरा करने तथा अन्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों में करेगी। यह कंपनी कार्बन डाइऑक्साइड लेजर सिस्टम, सीएनसी राउटर, फाइबर लेजर मशीन और डिजिटल प्रिंटर जैसे इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट का प्रोडक्शन करती है।


