नई दिल्ली : (New Delhi) देश में सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) (SBI) ने अपनी ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड (SBI Funds Management Limited) (SBIFML) में आईपीओ के जरिए हिस्सेदारी बेचने का फैसला लिया है। इस फैसले के तहत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एसबीआईएफएमएल में अपनी 6.3 प्रतिशत हिस्सेदारी यानी लगभग 3,20,60,000 इक्विटी शेयर बेचेगा। इसके अलावा एसबीआईएफएमएल में शामिल विदेशी पार्टनर आमुंडी इंडिया होल्डिंग की 3.7 प्रतिशत हिस्सेदारी भी बेची जाएगी। बैंक के इस प्रस्ताव को बोर्ड की मंजूरी मिल गई है।
एसबीआईएफएमएल में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की हिस्सेदारी की ये बिक्री पूरी तरह से रेगुलेटरी अप्रूवल पर निर्भर करेगी। बताया जा रहा है कि एसबीआईएफएमएल का ये आईपीओ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और आमुंडी इंडिया होल्डिंग (Amundi India Holdings) का जॉइंट इनीशिएटिव होगा, जिसके जरिए दोनों कंपनियां की कुल 10 हिस्सेदारी यानी लगभग 5.09 करोड़ शेयर बिक्री के लिए ऑफर किए जाएंगे। एसबीआईएफएमएल के आईपीओ की लिस्टिंग के बाद स्टॉक मार्केट में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सहायक कंपनियां में से ये तीसरी लिस्टिंग होगी। इसके पहले एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस और एसबीआई कार्ड स्टॉक मार्केट में लिस्ट हो चुके हैं।
इस संबंध में उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार इस आईपीओ में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पास मौजूद 6.3 प्रतिशत हिस्सेदारी यानी 3.20 करोड़ शेयर के अलावा विदेशी पार्टनर आमुंडी इंडिया होल्डिंग की 3.7 प्रतिशत हिस्सेदारी यानी लगभग 1.88 करोड़ शेयर बेचे जाएंगे। आईपीओ की पूरी प्रक्रिया रेगुलेटरी अप्रूवल मिलने के बाद 2026 में पूरी की जाएगी।
एसबीआईएफएमएल देश की सबसे बड़ी ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी है, जिसका मार्केट शेयर फिलहाल 15.55 प्रतिशत है। मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (assets under management) (AMU) 11.99 लाख करोड़ रुपये का रहा। वहीं इसके अल्टरनेट इन्वेस्टमेंट्स का एसेट अंडर मैनेजमेंट 16.32 लाख करोड़ रुपये का रहा।



