
नई दिल्ली : (New Delhi) देश की सबसे बड़े एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (Securities and Exchange Board of India) (SEBI) पास आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (Initial Public Offering) (IPO) के लिए शुरुआती दस्तावेज ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (Draft Red Herring Prospectus) (DRHP) जमा किए हैं। कंपनी आईपीओ के जरिए धन जुटाने की योजना बना रही है।
कंपनी के पूंजी बाजार नियामक सेबी के पास जमा डीआरएचपी के अनुसार आईपीओ पूरी तरह से बिक्री पेशकश (Offer for Sale) (OFS) पर आधारित है, जिसके तहत 20.37 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री की जाएगी। इसमें कोई नया शेयर जारी नहीं किया जाएगा। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट इस आईपीओ के माध्यम से कंपनी के प्रवर्तक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) (SBI) और अमुंडी इंडिया होल्डिंग कंपनी अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड, एसबीआई और पेरिस स्थित अमुंडी के बीच एक जॉइंट वेंचर है, जिसमें क्रमशः 61.98 फीसदी और 36.40 फीसदी हिस्सेदारी है।
कंपनी ने इस इश्यू के प्रबंधन के लिए मर्चेंट बैंकर्स के एक समूह को नियुक्त किया गया है। इसमें कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, बोफा सिक्योरिटीज इंडिया, एचएसबीसी सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (India), आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, जेफरीज इंडिया, जेएम फाइनेंशियल, मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स शामिल हैं।
यह कंपनी देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट फ़र्म है, जिसके पास दिसंबर 2025 तक लगभग 12.5 लाख करोड़ रुपये की तिमाही औसत एसेट्स अंडर मैनेजमेंट थी। स्टेट बैंक द्वारा प्रायोजित और 1987 में स्थापित एसबीआई म्यूचुअल फंड (SBI Mutual Fund), भारत का पहला गैर- यूटीआई म्यूचुअल फंड है।


