
आरबीआई के हस्तक्षेप से रुपये को मिला सहारा
नई दिल्ली : (New Delhi) वैश्विक बाजारों (global markets) में उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय रुपया सोमवार को सीमित दायरे में मजबूत हुआ। अमेरिकी डॉलर (Against the US Dollar) के मुकाबले रुपया 14 पैसे की बढ़त के साथ 93.04 (अस्थायी) पर बंद हुआ। हाल के दिनों में दबाव झेल रही घरेलू मुद्रा को भारतीय रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप से सहारा मिला है।
विश्लेषकों के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा सट्टेबाजी पर नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों का असर मुद्रा बाजार में दिखा है, जिससे रुपये की गिरावट पर अंकुश लगा। पिछले सप्ताह शुरू हुई यह मजबूती सोमवार को भी जारी रही।
घरेलू इक्विटी बाजार (domestic equity market) में तेजी ने भी रुपये को समर्थन दिया। बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 74,106 और निफ्टी (Nifty) 50 22,968 के स्तर पर बंद हुए, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा और मुद्रा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा।
कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों का दबाव
हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें अभी भी चिंता का कारण बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। बाजार की नजर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)पर बनी स्थिति और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) द्वारा तय समय-सीमा पर टिकी है, जो वैश्विक आपूर्ति और कीमतों को प्रभावित कर सकती है।
इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली का दबाव अभी कायम है। हालिया कारोबारी सत्र में उन्होंने करीब 9,900 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे रुपये की मजबूती पर आगे भी असर पड़ सकता है।


