नई दिल्ली : (New Delhi) राऊज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विशाल गोगने (Special Judge Vishal Gogane of the Rouse Avenue Court) ने रेलवे टेंडर घोटाला मामले में 13 अक्टूबर को फैसला सुनाने का आदेश दिया है। अदालत ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत दूसरे आरोपितों को आरोप तय करने के लिए अगली तिथि को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।
सुनवाई के दौरान बुधवार काे कोर्ट ने कहा कि आरोप तय करने पर फैसला करीब-करीब लिखा जा चुका है और ये 13 अक्टूबर को सुनाया (charges has almost been written and will be delivered on October 13) जाएगा। कोर्ट ने 29 मई को आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने के मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान लालू यादव के वकील मनिंदर सिंह ने (Lalu Yadav’s lawyer Maninder Singh) कहा था कि अभियोजन चलाने के लिए कोई साक्ष्य नहीं है, ऐसे में अनुमति की वैधता सवालों के घेरे में है। पहले सीबीआई ने कहा कि लालू यादव के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए अनुमति की कोई जरुरत नहीं है। उसके बाद सीबीआई ने कहा कि उन्हें अभियोजन चलाने के लिए अनुमति मिल गई है। ये कानून सम्मत नहीं है।
28 फरवरी को सीबीआई ने कहा था कि आरोपितों के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए पुख्ता सबूत हैं। बता दें कि 28 जनवरी, 2019 को कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दर्ज केस में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को एक-एक लाख रुपए के निजी मुचलके पर नियमित जमानत दी थी। 19 जनवरी, 2019 को कोर्ट ने सीबीआई की ओर से दर्ज केस में लालू यादव को नियमित जमानत दी थी।
कोर्ट ने 17 सितंबर, 2018 को ईडी की ओर से दायर चार्जशीट पर संज्ञान लिया (The court took cognizance of the charge sheet filed by the ED on September 17, 2018) था। इस मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी समेत 16 लोगों को आरोपित बनाया गया है। ईडी ने जिन्हें आरोपित बनाया है उनमें लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मेसर्स लारा प्रोजेक्ट एलएलपी, सरला गुप्ता, प्रेमचंद गुप्ता, गौरव गुप्ता, नाथ मल ककरानिया, राहुल यादव, विजय त्रिपाठी, देवकी नंदन तुलस्यान, मेसर्स सुजाता होटल, विनय कोचर, विजय कोचर, राजीव कुमार रेलान और मेसर्स अभिषेक फाइनेंस प्राईवेट लिमिटेड शामिल हैं।
लालू यादव पर आरोप है कि उन्होंने रेलमंत्री रहते हुए रेलवे के दो होटलों को आईआरसीटीसी को ट्रांसफर किया और होटलों की देखभाल के लिए टेंडर जारी किये थे। रांची और पुरी के दो होटलों का आवंटन कोचर बंधु की कंपनी सुजाता होटल को ट्रांसफर कर दिया था।


