
नई दिल्ली : (New Delhi) ज्वेलरी प्रोडक्शन सेक्टर में काम करने वाली कंपनी पीएनजीएस रेवा डायमंड ज्वेलरी लिमिटेड (IPO of PNGS Reva Diamond Jewellery Limited) का 380 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 26 फरवरी तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 27 फरवरी को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि दो मार्च को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट (allotted shares credited to demat accounts) में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर चार मार्च को बीएसई और एनएसई (BSE and NSE) पर लिस्ट हो सकते हैं। दोपहर 12 बजे तक कंपनी के इस आईपीओ को सिर्फ 0.05 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला था।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 367 रुपये से लेकर 386 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 32 शेयर का है। रेवा डायमंड ज्वेलरी लिमिटेड (Reva Diamond Jewellery Limited) के इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को न्यूनतम एक लॉट यानी 32 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 12,352 रुपये का निवेश करना होगा। रिटेल इनवेस्टर्स इस आईपीओ में अधिकतम 16 लॉट यानी 512 शेयर के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 1,97,632 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 98,44,559 नए शेयर जारी हो रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (Qualified Institutional Buyers) (QIBs) के लिए 75 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसमें एंकर इन्वेस्टर्स के लिए 44.94 प्रतिशत हिस्सा शामिल है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 10 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (non-institutional investors) (NIIs) के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए स्मार्ट होराइजन कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।
आईपीओ लॉन्चिंग के एक दिन पहले कल यानि सोमवार को रेवा डायमंड ज्वेलरी ने एंकर इन्वेस्टर्स से 170.58 करोड़ रुपये की राशि जुटाने में सफलता हासिल की। कंपनी ने 16 एंकर इन्वेस्टर्स को 386 रुपये प्रति शेयर के भाव पर कुल 44.19 लाख शेयर आवंटित किए। कंपनी के एंकर बुक में कई बड़े इन्वेस्टर ने अपने रुचि दिखाई है। इनमें टाटा इंडिया कंज्यूमर फंड (Tata India Consumer Fund) ने 40 करोड़ रुपये के निवेश से सबसे अधिक 10.36 लाख शेयर खरीदे हैं। इसी तरह टाइगर स्ट्रेटजीज फंड ने 24 करोड़ रुपये और सेजवन फ्लैगशिप ग्रोथ फंड ने 20 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसके अलावा ग्रो म्युचुअल फंड, सिटी ग्रुप ग्लोबल और सोसायटी जनरल जैसे दिग्गज इन्वेस्टर भी कंपनी के एंकर बुक में शामिल हुए हैं।
कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (Draft Red Herring Prospectus) (DRHP) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 51.75 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 42.41 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 59.47 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 20.13 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 199.35 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में कम होकर 196.24 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 259.11 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 157.12 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 तक कंपनी कर्ज मुक्ति थी, लेकिन इसके बाद 2024-25 में कंपनी पर 90.65 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी पर 130.25 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था। इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की स्थिति में सुधार हुआ। 2023-24 तक कंपनी के रिजर्व और सरप्लस अकाउंट में निगेटिव बैलेंस था, लेकिन 2024-25 में इसकी स्थिति में सुधार हुआ। इस साल कंपनी के रिजर्व एवं सरप्लस अकाउंट में 95.33 करोड़ रुपये की राशि आ गई। इसी तरह मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये राशि 98.44 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (earnings before interest, taxes, depreciation and amortization) 2022-23 में 68.73 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में घट कर 56.14 करोड़ रुपये हो गया। 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 79.61 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 30.79 करोड़ रुपये के स्तर पर था।


