
नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट (Delhi’s Patiala House Court) ने भारत मंडपम में एआई शिखर सम्मेलन के दौरान 20 फरवरी को शर्टलेस प्रदर्शन मामले में आरोपी राजीव कुमार को अग्रिम जमानत दे दी है। एडिशनल सेशंस जज अमित बंसल (Additional Sessions Judge Amit Bansal) ने यह आदेश दिया।
कोर्ट ने राजीव कुमार (Rajiv Kumar) को जांच में शामिल होने का निर्देश दिया। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि अगर राजीव कुमार को गिरफ्तार करने की जरुरत पड़े तो एक सप्ताह पहले नोटिस देना होगा। सुनवाई के दौरान राजीव कुमार के वकील अमरीश रंजन पांडेय ने कहा कि किसी पार्टी से जुड़ा होना किसी को दोषी करार नहीं देता है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन का वीडियो बनाना किसी भी रुप में अपराध नहीं है।
इसके पहले कोर्ट ने 14 मार्च को राजीव कुमार को आज तक की अंतरिम जमानत दी थी। दिल्ली पुलिस ने अग्रिम जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि राजीव कुमार इस साजिश का हिस्सा थे और उसने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाया था।
इस मामले में युवा कांग्रेस के नौ कार्यकर्ताओं को जमानत मिल चुकी है। इसके अलावा युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब (Youth Congress, Uday Bhanu Chib) को भी जमानत मिल चुकी है। इस मामले में उदय भानु चिब को 28 फरवरी को मजिस्ट्रेट कोर्ट से जमानत मिली थी। 28 फरवरी को ही सेशंस कोर्ट ने जमानत पर रोक लगा दिया था।
दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने दो मार्च को चिब को जमानत पर लगी रोक को हटा दिया था। इस मामले में युवा कांग्रेस के महासचिव निगम भंडारी को 24 मार्च तक की अंतरिम जमानत मिल चुकी है।


