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New Delhi : मुंबई लोकल ट्रेनों में ऑटोमेटिक दरवाजे को लेकर रेलमंत्री ने की बैठक, निकाला समाधान

नई दिल्ली : (New Delhi) मुंबई में सोमवार को हुई एक दुखद घटना के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Railway Minister Ashwini Vaishnav) और रेलवे बोर्ड के अधिकारियों ने इंटीग्रल कोच फैक्टरी (आईसीएफ) (Integral Coach Factory (ICF)) की टीम के साथ विस्तृत बैठक की। बैठक का उद्देश्य मुंबई में चलने वाली नॉन-एसी लोकल ट्रेनों में ऑटोमैटिक दरवाजा बंद करने से जुड़े मुद्दे का समाधान खोजना था।

रेल मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया कि नए नॉन-एसी कोच इस प्रकार डिज़ाइन और निर्मित किए जाएंगे जिससे वेंटिलेशन की समस्या का समाधान हो सके। इसके लिए तीन प्रमुख डिज़ाइन बदलाव किए जाएंगे। पहला- दरवाज़ों में लूवर्स लगाए जाएंगे, ताकि बंद दरवाज़ों के बावजूद हवा का प्रवाह बना रहे। दूसरा, कोच की छत पर वेंटिलेशन यूनिट्स लगाई जाएंगी, जो बाहर से ताज़ी हवा अंदर पहुंचाएंगी। तीसरा, कोचों में वेस्टीब्यूल्स होंगे, ताकि यात्री एक कोच से दूसरे कोच में आसानी से जा सकें और भीड़ का संतुलन स्वाभाविक रूप से बन सके। इस नई डिज़ाइन वाली पहली ट्रेन इस साल नवंबर तक तैयार हो जाएगी। आवश्यक परीक्षणों और प्रमाणन के बाद इसे जनवरी 2026 तक सेवा में लाया जाएगा। यह प्रयास मुंबई उपनगरीय नेटवर्क के लिए बनाए जा रहे 238 एसी ट्रेनों के अतिरिक्त है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को बढ़ाना है। नई डिज़ाइन वाली ट्रेनें न केवल वेंटिलेशन की समस्या का समाधान करेंगी, बल्कि यात्रियों के लिए एक सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव भी प्रदान करेंगी। उल्लेखनीय है कि आज सुबह ठाणे जिले में कोपर और दिवा स्टेशनों के बीच आमने-सामने से विपरीत दिशा में जा रही दो लोकल ट्रेनों के फुटबोर्ड पर यात्रा कर रहे यात्री आपस में टकरा कर रेलवे पटरी के पास गिर गए थे। ट्रेन से गिर कर छह यात्रियों की मौत हो गई है। इस हादसे में सात यात्री घायल हो गए।

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