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New Delhi : राबड़ी का जज विशाल गोगने पर पक्षपात का आरोप, केस दूसरे जज के पास ट्रांसफर करने की मांग

नई दिल्ली : (New Delhi) रेलवे टेंडर घोटाला और लैंड फॉर जॉब घोटाला मामले में आरोपित बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी (Former Bihar Chief Minister Rabri Devi, accused in the Railway Tender Scam and Land for Jobs scam cases) ने अपने और अपने परिवार के सदस्यों के खिलाफ लंबित केस को दूसरे जज के पास ट्रांसफर करने की मांग की है। राबड़ी देवी ने मामले की सुनवाई कर रहे जज विशाल गोगने (Judge Vishal Gogane) से दूसरे जज के पास स्थानांतरित करने के लिए राउज एवेन्यू कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। उन्होंने आरोप लगाया कि जज गोगने पक्षपाती हैं और पूर्व-नियोजित तरीके से मामले को आगे बढ़ा रहे हैं।

राबड़ी देवी ने जज गोगने के पास लंबित चार मामलों को दूसरे जज के पास ट्रांसफर करने की मांग की है। राबड़ी देवी के खिलाफ विशाल गोगने के पास रेलवे टेंडर घोटाला और लैंड फॉर जॉब घोटाला के केस हैं। 13 अक्टूबर को जज विशाल गोगने ने रेलवे टेंडर घोटाला मामले के आरोपियों लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के (Lalu Yadav, Rabri Devi, and Tejashwi Yadav) खिलाफ आरोप तय कर दिया है।

राबड़ी देवी की याचिका में कहा गया है कि जज गोगने उनके और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ एक तय मानसिकता के साथ सुनवाई कर रहे हैं। याचिका में कहा गया है कि मामलों की सुनवाई के दौरान ऐसा लगता है कि जज विशाल गोगने अभियोजन पक्ष की मदद कर रहे हैं। वे निष्पक्ष जज की तरह व्यवहार नहीं करते हैं। ऐसे में उनके खिलाफ दर्ज चार मामलों के स्वतंत्र ट्रायल के लिए दूसरे जज के पास ट्रांसफर किया जाए।

कोर्ट ने 13 अक्टूबर को रेलवे टेंडर घोटाला मामले से जुड़े केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के केस में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट के पूछे जाने पर तीनों ने कहा कि वो निर्दोष हैं और ट्रायल का सामना करेंगे। उसके बाद कोर्ट ने तीनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 428, 120बी और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(2) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया।

28 फरवरी को रेलवे टेंडर घोटाले में सीबीआई ने कहा था कि आरोपितों के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए पुख्ता सबूत हैं। 28 जनवरी, 2019 को कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दर्ज केस में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को नियमित जमानत दी थी। कोर्ट ने एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी थी। 19 जनवरी 2019 को कोर्ट ने सीबीआई की ओर से दर्ज केस में लालू यादव को नियमित जमानत दी थी।

कोर्ट ने 17 सितंबर 2018 को ईडी की ओर से दायर चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। इस मामले में लालू, राबड़ी समेत 16 लोगों को आरोपित बनाया गया है। ईडी ने जिन्हें आरोपित बनाया है उनमें लालू, राबड़ी, तेजस्वी यादव, मेसर्स लारा प्रोजेक्ट एलएलपी, सरला गुप्ता, प्रेमचंद गुप्ता, गौरव गुप्ता, नाथ मल ककरानिया, राहुल यादव, विजय त्रिपाठी, देवकी नंदन तुलस्यान, मेसर्स सुजाता होटल, विनय कोचर, विजय कोचर, राजीव कुमार रेलान और मेसर्स अभिषेक फाइनेंस प्रा.लि. शामिल हैं।

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