
नई दिल्ली : (New Delhi) डीजल जेन सेट का उत्पादन करने के साथ ही विंड पावर बिजनेस में भी काम शुरू करने वाली कंपनी पावरिका लिमिटेड (Powerica Limited) ने अपने आईपीओ की लॉन्चिंग का ऐलान कर दिया है। कंपनी का 1,100 करोड़ रुपये का आईपीओ 24 मार्च को खुलेगा। इस आईपीओ में निवेशक 27 मार्च तक बोली लगा सकेंगे। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 30 मार्च को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि एक अप्रैल को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर दो अप्रैल को बीएसई और एनएसई (BSE and NSE) पर लिस्ट हो सकते हैं।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 375 रुपये से लेकर 395 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 37 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम 1 लॉट यानी 37 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,615 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,89,995 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 481 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 5 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 2,78,48,100 शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें 700 करोड़ रुपये के 1,77,21,518 नए शेयर और 400 करोड़ रुपये के 1,01,26,582 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (Qualified Institutional Buyers) (QIBs) के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए न्यूनतम 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (Non-Institutional Investors) (NIIs) के लिए न्यूनतम 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि एमयूजीएफ इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (Draft Red Herring Prospectus) (DRHP) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में मामूली उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 106.45 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 226.11 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 175.83 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 134.55 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी मामूली उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 2,422.42 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 2,356.77 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 2,710.93 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 1,474.87 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 278.88 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में कम होकर 177.52 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 300.80 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 571.95 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 777.88 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 898.67 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 1,070.95 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 1,158.99 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचा हुआ है।
कंपनी के ईबीआईटीडीए (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) की बात करें तो 2022-23 में ये 333.21 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 362.45 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए घट कर 345.66 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में 30 सितंबर 2025 तक ये 220.42 करोड़ रुपये के स्तर पर था।


