
नई दिल्ली : (New Delhi) पश्चिम एशिया संकट के कारण केंद्र सरकार (Central Government) ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी में कटौती करने का फैसला किया है। पेट्रोल पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है। इस कटौती के बाद पेट्रोल पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये प्रति लीटर से घट कर तीन रुपये प्रति लीटर हो गई है। इसी तरह डीजल पर लगे वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी को शून्य कर दिया गया है। पहले डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर की दर से स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (Special Additional Excise Duty) वसूली जाती थी। केंद्र सरकार के इस कदम से उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद की जा रही है।
आपको बता दें कि पश्चिम एशिया में जारी जंग के कारण दुनिया भर में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई पर प्रतिकूल असर पड़ा है। हॉर्मुज स्ट्रेट के रास्ते होने वाली कच्चे तेल की सप्लाई लगभग ठप हो गई है। इसकी वजह से मांग की तुलना में आपूर्ति काफी घट गई है, जिसने और कच्चे तेल की कीमत में काफी इजाफा हो गया है। इस जंग में खाड़ी के कई देशों पर भी हमला होने की वजह से भी कच्चे तेल की सप्लाई पर काफी बुरा असर पड़ा है।
कच्चे तेल की कीमत में तेजी आने के कारण ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (Oil Marketing Companies) (OMCs) पर दबाव बढ़ गया है। कुछ दिन पहले ही सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल की कीमत में प्रति लीटर दो रुपये से अधिक की बढ़ोतरी कर दी थी। वहीं बल्क यानी इंडस्ट्रियल डीजल की कीमत में भी बढ़ोतरी की गई थी। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में प्रीमियम 95 ऑक्टेन पेट्रोल की कीमत 99.89 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 101.89 रुपये हो गई, जबकि बल्क यानी इंडस्ट्रियल डीजल की कीमत 87.67 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 109.59 रुपये कर दी गई।
इसी तरह प्राइवेट सेक्टर की सबसे बड़ी फ्यूल रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी ने देश में पेट्रोल के दाम में पांच रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी थी। इस बढ़ोतरी के बाद देश के अलग-अलग राज्यों में नायरा एनर्जी के 6,967 पेट्रोल पंप पर राज्य सरकार द्वारा लगाए जाने वाले वैल्यू एडेड टैक्स (Value Added Tax) (VAT) और दूसरे स्टेट टैक्स के कारण नायरा एनर्जी के पेट्रोल की कीमत में 5.30 रुपये तक का इजाफा हो गया था।
भारत कच्चे तेल की कुल जरूरत का 85 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार से मांगता है। इस आयात का भी बड़ा हिस्सा हॉर्मुज स्ट्रेट के रास्ते समुद्री मार्ग से आता है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमला करने के बाद से ही ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की नाकेबंदी कर दी है, जिससे इस रास्ते से होकर आने जाने वाले मालवाहक जहाज या ऑयल टैंकर्स की आवा-जाही ठप हो गई है। हालांकि ईरान ने ऐलान किया है कि इस मार्ग से दुश्मन देशों के जहाज को गुजरने नहीं दिया जाएगा, वहीं भारत जैसे फ्रेंडली नेचर वाले देश के जहाज इस रास्ते से कुछ शर्तों के साथ गुजार सकते हैं। इस रास्ते से होकर कुछ ऑयल टैंकर और गैस से लदे जहाज भारत पहुंचे भी हैं, लेकिन अभी भी कई जहाज हॉर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर फंसे हुए हैं, जिससे कच्चे तेल और गैस का संकट लगातार बना हुआ है।


