spot_img

New Delhi : (ऑपरेशन ब्रह्मा) म्यांमार में भारत की मानवीय सहायता जारी

नई दिल्ली : (New Delhi) भारत ने म्यांमार में हाल ही में आए विनाशकारी भूकंप के बाद राहत और बचाव कार्यों के लिए ऑपरेशन ब्रह्मा शुरू किया है। इस पहल के तहत भारत ने अब तक छह विमानों और पांच नौ सैनिक जहाजों की मदद से 625 मीट्रिक टन मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) सामग्री म्यांमार को भेजी है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि एक अप्रैल को भारत ने सी-130जे विमान से 16 टन अतिरिक्त राहत सामग्री भेजी, जिसमें टेंट, जनरेटर, स्वच्छ पेयजल, खाद्य पदार्थ और आपातकालीन दवाएं शामिल थीं। इसी दिन विशाखापत्तनम से भारतीय नौसैनिक जहाज आईएनएस घड़ियाल 442 मीट्रिक टन खाद्य सहायता के साथ यांगून रवाना हुआ, जिसमें चावल, खाना पकाने का तेल, बिस्कुट और इंस्टेंट नूडल्स शामिल हैं।

इससे पहले, भारत ने पहली खेप के रूप में 15 टन राहत सामग्री जिसमें टेंट, कंबल, आवश्यक दवाएं और खाद्य पदार्थ शामिल थे, 29 मार्च को म्यांमार के यांगून में उतारी। इसके बाद, दूसरी खेप में दो भारतीय वायुसेना के सी-130जे विमानों ने 80 एनडीआरएफ विशेषज्ञों, 17 टन सुरक्षात्मक उपकरण, संचार साधन और 5 टन अन्य राहत सामग्री पहुंचाई। ये विमान 30 मार्च को नेप्यीडॉ में उतरे।
तीसरी खेप में भारतीय वायुसेना के सी-17 विमानों ने 118 सदस्यीय भारतीय सेना फील्ड अस्पताल की टीम को 60 टन चिकित्सा आपूर्ति और महिलाओं-बच्चों की देखभाल सेवाओं सहित म्यांमार भेजा। मंडले में स्थित यह अस्पताल अब पूरी तरह से कार्यरत है और रोगियों का इलाज कर रहा है।

इसके अतिरिक्त, भारतीय नौसेना के जहाज सतपुड़ा और सावित्री 29 मार्च को यांगून रवाना हुए और 31 मार्च को 40 टन राहत सामग्री सौंपी। इसी तरह, अंडमान और निकोबार से आईएनएस करमुक और एलसीयू-52 जहाजों ने 30 मार्च को 30 टन राहत सामग्री के साथ यांगून पोर्ट पर सहायता पहुंचाई।
भारत की यह सहायता पड़ोसी प्रथम नीति और एक्ट ईस्ट नीति के तहत म्यांमार के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। भारत जरूरत के अनुसार आगे भी सहायता भेजने के लिए तत्पर रहेगा।

Iran’s Stern Warning : बुनियादी ढांचे पर हमला बर्दाश्त नहीं करेंगे, करारा जवाब देंगे

तेहरान : (Tehran) मध्य-पूर्व में तनाव (Tensions in the Middle East) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जहां ईरान ने कड़ी चेतावनी जारी करते...

Explore our articles