नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली उच्च न्यायालय (The Delhi High Court) ने बिहार में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव के लिए एक कॉमन चुनाव चिन्ह आवंटित करने की अखिल भारतीय जन संघ की मांग पर सुनवाई करते हुए निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया है। जस्टिस मिनी पुष्करणा (Justice Mini Pushkarna) की बेंच ने मामले की अगली सुनवाई 09 अक्टूबर को करने का आदेश दिया।
इसके पहले उच्च न्यायालय ने अगस्त में अखिल भारतीय जन संघ की दूसरी याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया था। आज सुनवाई के दौरान अखिल भारतीय जन संघ (All India Jan Sangh) की ओर से कोर्ट को बताया गया कि निर्वाचन आयोग ने ये कहते हुए उनकी मांग खारिज कर दिया कि पार्टी में आंतरिक विवाद हैं। अखिल भारतीय जनसंघ की ओर से कहा गया कि पार्टी से समीर सिंह चंदेल को निलंबित कर दिया है और उनके निलंबन के पार्टी की गतिविधियों का कोई लेना-देना नहीं है। उसके बाद कोर्ट ने निर्वाचन आयोग से जवाब तलब करने का आदेश दिया।
अखिल भारतीय जनसंघ का कहना है कि उनकी पार्टी का रजिस्ट्रेशन 1989 में (registered as an unrecognized political party in 1989)एक गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के रूप में हुआ था। याचिका में अखिल भारतीय जन संघ ने दावा किया था कि उसकी जड़ें भारतीय जन संघ से जुड़ी हुई हैं। अखिल भारतीय जन संघ ने दो जून को निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर एक राजनीतिक दल के रुप में चुनाव चिह्न का आवंटन करने की मांग की थी।
याचिका में कहा गया है अखिल भारतीय जन संघ को चुनाव लड़ने का संवैधानिक अधिकार है। बिहार विधानसभा के चुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है। अगर अखिल भारतीय जन संघ को राजनीतिक दल के रुप में चुनाव चिन्ह आवंटित नहीं किया गया तो चुनाव लड़ने के उसके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन होगा।


