नई दिल्ली : (New Delhi) पटियाला हाउस कोर्ट (Patiala House Court)ने लाल किला ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार दो आरोपितों की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) (National Investigation Agency) हिरासत बढ़ाने का आदेश दिया। एडिशनल सेशंस जज प्रशांत शर्मा ने दोनों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने का आदेश दिया।
कोर्ट ने यासिर अहमद डार (Yasir Ahmed Dar, while Dr. Bilal Naseer) को 10 दिनों की एनआईए हिरासत जबकि डॉ. बिलाल नसीर मल्ला की एनआईए हिरासत 8 दिनों के लिए बढ़ाने का आदेश दिया। एनआईए ने कहा कि ब्लास्ट की पूरी साजिश का पता लगाने के लिए आरोपितों की हिरासत में लेकर पूछताछ की जरुरत है।
डॉ. मल्ला को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था और उसे इस मामले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक माना जा रहा है। एनआईए के मुताबिक डॉ. मल्ला (NIA, Dr. Malla) ने उमर-उन-नबी को जानबूझकर पनाह दी और जरुरी साधन मुहैया कराए। एनआईए ने यासिर अहमद डार को 18 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने डार को 18 दिसंबर को 26 दिसंबर तक एनआईए की हिरासत में भेजा था।
इस मामले में 9 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी आराेपित फिलहाल हिरासत में हैं। एनआईए सभी आरोपितों से पूछताछ कर पूरी साजिश का खुलासा करने की कोशिश कर रही है। 18 नवंबर को पटियाला हाउस कोर्ट ने लालकिला ब्लास्ट मामले के आरोपित और आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर नबी के सहयोगी जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश को एनआईए हिरासत में भेजा था। एनआईए ने दानिश को श्रीनगर से गिरफ्तार किया था। एनआईए के मुताबिक दानिश ने ड्रोन में तकनीकी बदलाव किए और कार बम विस्फोट से पहले रॉकेट तैयार करने की कोशिश की।
एनआईए के मुताबिक दानिश ने उमर उन नबी के साथ मिलकर पूरी साजिश को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई। एनआईए के मुताबिक राजनीति विज्ञान में स्नातक दानिश को आत्मघाती हमलावर बनाने के लिए उमर ने ब्रेनवाश किया। वह अक्टूबर 2024 में कुलगाम की एक मस्जिद में डॉक्टर मॉड्यूल से मिलने को तैयार हुआ, जहां से उसे हरियाणा के फरीदाबाद में अल फलाह विश्वविद्यालय में रहने के लिए ले जाया गया।
लालकिला के पास 10 नवंबर को आई10 कार में ब्लास्ट हुआ था। ये कार आमिर रशीद अली (Aamir Rashid Ali) के नाम पर थी। इस ब्लास्ट में 13 लोगों की मौत हुई थी और 32 लोग घायल हो गए थे।


