नई दिल्ली : (New Delhi) देश में वस्तु एवं सेवा कर (Goods and Services Tax) (GST) 2.0 लागू होने के बाद सरकार की राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (National Consumer Helpline) (NCH) को कम करों से संबंधित 3,000 शिकायतें मिली हैं। इन्हें आगे की कार्रवाई के लिए केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (Central Board of Indirect Taxes and Customs) (CBIC) को भेजा गया है।
उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने सोमवार को यहां आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हमें अबतक 3,000 उपभोक्ता शिकायतें प्राप्त हुई हैं। हम उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए सीबीआईसी को भेज रहे हैं। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय उन मामलों पर कड़ी निगरानी रख रहा है, जहां जीएसटी की दरों में कमी का लाभ उपभोक्ताओं को देने से बचने के लिए भ्रामक छूट प्रथाओं के माध्यम से उपभोक्ताओं को धोखा दिया जा रहा है।
उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे (Consumer Affairs Secretary Nidhi Khare) ने आगे कहा कि मंत्रालय विभिन्न क्षेत्रों में शिकायतों की स्पष्ट जानकारी प्राप्त करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और चैटबॉट तकनीक का उपयोग कर रहा है। यह शिकायत प्रणाली ऐसे समय में आई है, जब ऐसी चिंताएं हैं कि खुदरा विक्रेता जीएसटी दरों में कटौती का पूरा लाभ उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचा रहे हैं, जिसके कारण सरकार अपनी निगरानी प्रणाली को मज़बूत कर रही है।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने देश में जीएसटी 2.0 लागू किया है, जो 2017 के बाद से उसके माल और सेवा कर (Goods and Services Tax) (GST) में सबसे बड़ा बदलाव है। सुधारों के तहत कई क्षेत्रों में जीएसटी कर की दरों में कटौती की गई है, जिसे 22 सितंबर से लागू किेया गया है।


