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New Delhi : हत्या की दोषी भारतीय नर्स निमिषा की मां यमन रवाना, बेटी की सजा माफ करने की लगाएंगी गुहार

नई दिल्ली : यमन में मौत की सजा पा चुकी केरल की नर्स निमिषा प्रिया की मां प्रेमा कुमारी शनिवार को यमन के लिए रवाना हो गई। निमिषा प्रिया की मां के वकील सुभाष चंद्रन ने यह जानकारी दी। आज सुबह वे कोचीन से मुंबई के लिए रवाना हुई, जहां से वे यमन के लिए फ्लाइट पकड़ेंगी।

उल्लेखनीय है कि 12 दिसंबर 2023 को दिल्ली हाई कोर्ट ने निमिषा की मां को एक भारतीय नागरिक के साथ यमन जाने की अनुमति दी थी। हाई कोर्ट ने कहा था कि प्रेमा कुमारी स्वयं की जिम्मेदारी पर जाएंगी और केंद्र व संबंधित राज्य सरकार इसके लिए जिम्मेदार नहीं होगी। कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि वो प्रेमा कुमारी को यमन जाने के लिए एडवाइजरी में छूट दे, जिसके तहत कुछ लोगों को कुछ खास समय के लिए जाने की छूट मिलती है।

वकील सुभाष चंद्रन के मुताबिक यमन में शरिया कानून चलता है और इस कानून में ब्लड मनी का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि यमन की सुप्रीम कोर्ट ने 13 नवंबर 2023 को निमिषा प्रिया को फांसी से बचने का अंतिम अवसर देते हुए कहा था कि वो मृतक के परिजनों को ब्लड मनी देकर समझौता करे।

7 मार्च 2022 को यमन की अदालत ने निमिषा प्रिया की अपील खारिज कर दी थी। निमिषा प्रिया पर 2017 में यमन के नागरिक तलल आब्दो माहदी की हत्या का आरोप है। निमिषा पर आरोप है कि उसने माहदी को नशीला पदार्थ पिलाया जिसके ओवरडोज से उसकी मौत हो गई। निमिषा एक प्रशिक्षित नर्स है। उसने 2014 में यमन की राजधानी सना में अपना क्लिनिक स्थापित करने के लिए माहदी से मदद ली।

यमन के कानून के मुताबिक केवल उसके नागरिकों को ही क्लीनिक और व्यावसायिक फर्म स्थापित करने की अनुमति है। बाद में दोनों के संबंध बिगड़ गए और महादी उसे प्रताड़ित करने लगा। महादी ने निमिषा का पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिया। आरोप है कि निमिषा उसके चंगुल से बचने के लिए एक यमनी नर्स के साथ योजना बनाकर नशीला इंजेक्शन दिया, जिसके ओवरडोज से उसकी मौत हो गई।

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