नई दिल्ली : (New Delhi) सोलर पीवी मॉड्यूल और सेल बनाने वाली एम्मवी फोटोवोल्टिक पावर (MMV Photovoltaic Power, a manufacturer of solar PV modules and cells) 2,900 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 13 नवंबर तक बोली लगाई जा सकती (Bids can be made for this IPO until November 13th) है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 14 नवंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 17 नवंबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 18 नवंबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 206 रुपये से लेकर 217 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 69 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम 1 लॉट यानी 69 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,973 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 2 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 13,36,40,552 शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें 2,143.86 करोड़ रुपये के 9,87,95,483 नए शेयर और 756.14 करोड़ रुपये के 3,48,45,069 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।
आईपीओ खुलने से एक कारोबारी दिन पहले 10 नवंबर को एम्मवी फोटोवोल्टिक पावर ने 55 एंकर इनवेस्टर्स से 1,305 करोड़ रुपये जुटाए। इन एंकर इनवेस्टर्स में अशोक व्हाइटओक इंडिया अफॉच्यूनिटीज फंड, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, फ्रैंकलिन इंडिया मिडकैप फंड, टाटा फ्लेक्सी कैप फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सनलाइफ इंश्योरेंस कंपनी, कोटक आईकॉनिक फंड जैसे प्रमुख नाम भी शामिल हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 75 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 10 प्रतिशत हिस्सा, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है। वहीं केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 8.97 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 28.90 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 369.01 करोड़ रुपये के स्तर पर पहंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून 2025 में कंपनी को 187.68 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 644.37 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 954.44 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 2,360.33 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून 2025 में कंपनी को 1,042.22 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 519.62 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 1,441.30 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 1,949.69 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून 2025 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 2,032.11 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 131.93 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 160.73 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 529.37 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून 2025 तक ये 608.83 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 56.27 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 120.44 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 721.94 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून 2025 तक ये 347.38 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।


