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New Delhi : ‘मस्तिष्क के दो हिस्सों में बने तंत्रिका संयोजनों के बीच समन्वय के अभाव से जाती है याददाश्त’

नयी दिल्ली : मस्तिष्क के ‘प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स’ और ‘हिप्पोकैंपस’ नामक हिस्सों के अंदर व इनके बीच बनने वाले बहु तंत्रिका संयोजनों में समन्वय के अभाव से याददाश्त खो सकती है। चूहे पर किए गए एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है।

अध्ययन में पाया गया है कि ये तंत्रिका संयोजन ‘न्यूरॉन्स’ के कई अलग-अलग तरह के समूह होते हैं, जो सूचनाओं को संसाधित करने के लिए साथ काम करते हैं।”

अध्ययन में कहा गया है कि सही समय पर एक साथ तालमेल बिठाने में इन तंत्रिका संयोजनों की विफलता के कारण याददाश्त चली जाती है।

ब्रिस्टल (ब्रिटेन) और हीडलबर्ग (जर्मनी) के विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में हुआ यह अध्ययन ‘करंटली बायोलॉजी’ नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

अल्पकालिक स्मृति मस्तिष्क के दो प्रमुख हिस्सों ‘प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स’ और ‘हिप्पोकैंपस’ पर निर्भर करती है।

आप कैसे पता लगाते हैं कि आगे क्या करना है? जब आपका दिमाग खाली हो जाता है तो मस्तिष्क में क्या होता है? शोधकर्ताओं ने इस तरह के सवालों के जवाब खोजने के लिए निर्धारित किया है कि कैसे मस्तिष्क के हिस्सों अर्थात ‘हिप्पोकैंपस’ और ‘प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स’ एक दूसरे के साथ संवाद करते हैं।

अध्ययन में यह समझने की भी कोशिश की गई है कि कभी-कभी याददाश्त क्यों खो जाती है।

“तंत्रिका संयोजनों” की अवधारणा 70 साल पहले पेश की गई थी, लेकिन अभी तक इसे साबित नहीं किया गया है।

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