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New Delhi : स्टॉक मार्केट में एलटी एलीवेटर की जोरदार लिस्टिंग, मुनाफे में आईपीओ निवेशक

नई दिल्ली : (New Delhi) एलिवेटर प्रोडक्शन, इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस का काम करने वाली कंपनी एलटी एलीवेटर के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट (stock market) में जोरदार शुरुआत करके अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 78 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म (BSE’s SME platform) पर इसकी लिस्टिंग 74.49 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 136.10 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद हुई लिवाली के कारण कंपनी के शेयरों के भाव में तेजी का रुख बन गया। सुबह 10:30 बजे तक कारोबार होने के बाद एलटी एलीवेटर के शेयर 142.50 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को 82.69 प्रतिशत का मुनाफा हो चुका है।

एलटी एलीवेटर (LT Elevators) का 39.37 करोड़ रुपये का आईपीओ 12 से 16 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 182.95 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (qualified institutional buyers) (QIBs) के लिए रिजर्व पोर्शन 95.10 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं, नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (non-institutional investors) (NIIs) के लिए रिजर्व पोर्शन में 356.16 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 158.90 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 50.48 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी सब्सिडरी पार्क स्मार्ट सॉल्यूशंस में निवेश करने, अपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो प्रॉस्पेक्टस में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 1.25 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 3.17 करोड़ रुपये और 2024-25 में उछल कर 8.94 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का राजस्व 27 प्रतिशत वार्षिक से अधिक की चक्रवृद्धि दर (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ कर 56.74 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस दौरान कंपनी पर कर्ज में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 के आखिर में कंपनी का कर्ज 13.64 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2023-24 के आखिर में बढ़ कर 14.02 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह वित्त वर्ष 2024-25 के आखिर में कंपनी का कर्ज उछल कर 17.30 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस (eserves and surplus) की बात करें, तो यह वित्त वर्ष 2022-23 के आखिरी में ये 2.96 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2023-24 के आखिरी में बढ़ कर 6.13 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 के आखिरी में उछल कर 31.77 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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