नई दिल्ली : (New Delhi) टोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन (Tokyo Olympics bronze medalist boxer Lovlina Borgohain) ने कहा है कि अगर वह पेरिस ओलंपिक में पदक जीत जातीं तो बॉक्सिंग से संन्यास ले लेतीं। उन्होंने बताया कि पेरिस में नाकाम रहने के बाद ही खेल जारी रखने का फैसला किया और अब उनका लक्ष्य ओलंपिक में दूसरा पदक जीतना है।
अकादमी पर कर रही थीं फोकस
असम की स्टार मुक्केबाज लवलीना (Assam’s star boxer Lovlina) ने बीते एक साल से अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से दूरी बनाई हुई थी। इस दौरान उन्होंने गुवाहाटी में अपनी मुक्केबाजी अकादमी स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित किया, जिसका उद्घाटन जून में हुआ। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उनकी योजना पेरिस तक खेलने की थी और उसके बाद संन्यास लेने की।
क्वार्टर फाइनल में हारीं, सपना टूटा
27 वर्षीय लवलीना (27-year-old Lovlina) पेरिस ओलंपिक में लगातार दूसरा पदक जीतने के बेहद करीब थीं, लेकिन महिला मिडिलवेट (75 किग्रा) वर्ग के क्वार्टर फाइनल में उन्हें चीन की चैंपियन ली कियान से हार का सामना करना पड़ा। लवलीना ने कहा कि पेरिस में वह स्वर्ण पदक भी जीत सकती थीं, क्योंकि पोडियम तक पहुंचने वाली सभी खिलाड़ियों को वह पहले हरा चुकी थीं।
2028 ओलंपिक तक जारी रख सकती हैं सफर
जब उनसे पूछा गया कि क्या 2028 ओलंपिक उनका आखिरी टूर्नामेंट हो सकता है, तो उन्होंने कहा – “हां, ऐसा संभव है। मैं साबित कर चुकी हूं कि मेरे खेल का स्तर ओलंपिक पदक जीतने लायक है।”
विश्व चैंपियनशिप में होगी वापसी
लवलीना अब 4 सितंबर से लिवरपूल में होने वाली विश्व चैंपियनशिप में (Lovlina is now going to make an international comeback)अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी करने जा रही हैं। उन्होंने माना कि तैयारी के लिए उनके पास केवल एक महीने का समय था, इसलिए वह अपनी सहनशक्ति और ताकत पर खास ध्यान दे रही हैं।


