
नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court in Delhi) में गुरुवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि याचिका पर शिकायतकर्ता और आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती की पत्नी लिपिका मित्रा (Lipika Mitra, the complainant and wife of Aam Aadmi Party leader Somnath Bharti) ने अपना बयान दर्ज कराया। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी को करने का आदेश दिया।
आज सुनवाई के दौरान कोर्ट में लिपिका मित्रा पेश हुईं और अपना बयान दर्ज कराया। सुनवाई के दौरान लिपिका मित्रा की ओर से पेश वकील ने कहा कि वो कुछ और गवाहों के बयान दर्ज कराना चाहते हैं जिसके लिए वे अर्जी दाखिल करेंगे। उसके बाद कोर्ट ने लिपिका मित्रा को उचित अर्जी दाखिल करने का निर्देश दिया।
13 दिसंबर 2025 को याचिकाकर्ता की ओर से एक गवाह मंजू बंसल के बयान दर्ज किए गए थे। 29 नवंबर 2025 को लिपिका मित्रा की ओर से गवाह सतीश कुमार नंगिया (witness Satish Kumar Nangia) के बयान दर्ज किए गए थे। कोर्ट ने 23 मई 2025 को निर्मला सीतारमण को नोटिस जारी किया था। लिपिका मित्रा ने याचिका दायर कर कहा है कि निर्मला सीतारमण ने 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान उनके खिलाफ प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में अपमानजनक बयान दिया।
याचिका में कहा गया है कि निर्मला सीतारमण ने 17 मई 2024 को राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए लिपिका मित्रा और सोमनाथ भारती के बीच वैवाहिक विवाद का जिक्र किया। याचिका में कहा गया है सीतारमण का बयान सोमनाथ भारती की छवि को खराब करने की कोशिश के तहत किया गया ताकि वे 2024 के आम चुनावों में जीत नहीं सकें।
सोमनाथ भारती 2024 के लोकसभा चुनाव में नई दिल्ली सीट से आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के उम्मीदवार थे। लिपिका मित्रा का कहना है कि निर्मला सीतारमण के बयान का एकमात्र उद्देश्य सोमनाथ भारती को राजनीतिक रुप से नुकसान पहुंचाना था। उनके बयान से याचिकाकर्ता आहत हो गयीं। याचिका में मांग की गई है कि निर्मला सीतारमण को ऐसे बयान देने से रोका जाए और उन्होंने जो बयान जारी किया था उसे वापस लिया जाए।


