नई दिल्ली : (New Delhi) राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू यादव (Rashtriya Janata Dal (RJD) supremo Lalu Yadav) ने लैंड फॉर जॉब मामले में सीबीआई की ओर से दर्ज एफआईआर को निरस्त करने और ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही पर रोक की मांग के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। जस्टिस रविंद्र जूडेजा (Justice Ravindra Judeja’s) की बेंच ने मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को करने का आदेश दिया।
लालू यादव के वकील कपिल सिब्बल (Lalu Yadav’s lawyer Kapil Sibal) ने कहा कि इस मामले में अभियोजन चलाने के लिए जरुरी अनुमति नहीं ली गई। ऐसे में पूरी जांच की गैरकानूनी है। बिना जरुरी अनुमति के जांच शुरु नहीं की जा सकती है। सिब्बल ने कहा कि इस मामले में पूरी कार्यवाही ही गलत है। सुनवाई के दौरान सीबीआई के वकील ने कहा कि लालू यादव की ओर से जानबूझकर ट्रायल कोर्ट में आरोप तय करने पर दलीलें नहीं रख रहे हैं। इस मामले में ट्रायल कोर्ट में 9 सितंबर को दलीलें खत्म हो जाएंगी। तब कोर्ट ने कहा कि जरुरी अनुमति की बात केवल भ्रष्टाचार निरोधक कानून के मामलों में होगी न कि भारतीय दंड संहिता से जुड़े मामलों में।
उच्चतम न्यायालय (The Supreme Court) ने 18 जुलाई को ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। 7 अक्टूबर, 2022 को लैंड फॉर जॉब मामले में सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती समेत 16 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। ट्रायल कोर्ट ने 25 फरवरी को सीबीआई की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। सीबीआई ने 7 जून, 2024 को इस मामले में अंतिम चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें 78 लोगों को आरोपित बनाया है। इन 78 आरोपितों में से रेलवे में नौकरी पाने वाले 38 उम्मीदवार भी शामिल हैं।


