नई दिल्ली : (New Delhi) केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान (Union Food Processing Industries Minister Chirag Paswan) ने गुरुवार को कहा कि ‘वर्ल्ड फूड इंडिया 2025’ (‘World Food India 2025’) शिखर सम्मेलन के दौरान खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव आने की उम्मीद है।
चिराग पासवान ने नई दिल्ली स्थित ‘भारत मंडपम’ में आयोजित ‘वर्ल्ड फूड इंडिया 2025’ शिखर सम्मेलन (the World Food India 2025 summit at the Bharat Mandapam in New Delhi) की शुरुआत के पहले दिन संवाददाताओं के साथ चर्चा में कहा कि 65,000 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर पहले ही हस्ताक्षर हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुझे यह बताते हुए खुशी है कि करीब 1 लाख करोड़ रुपये के ज्ञापन साइन किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले एडिशन के दौरान जितने ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए उनमें से 80 फीसदी को धरातल पर उतारा जा चुका है…। पासवान ने कहा कि जब मैं 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के ज्ञापन साइन करने की बात करता हूं तो यह करीब 9 लाख रोजगार के अवसर भी पैदा करता है…। इस क्षेत्र का देश की अर्थव्यवस्था में भी बहुत बड़ा योगदान है…कई देशों के प्रतिनिधिमंडल यहां आ रहे हैं।
‘वर्ल्ड फूड इंडिया 2025’ के इस आयोजन अवसर पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से संबंधित मुद्दों पर कंपनियों के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) का एक गोलमेज सम्मेलन भी हुआ। इसमें केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी मौजूद थे। पासवान ने कहा कि कंपनियों के सीईओ जीएसटी की दरों को तर्कसंगत बनाए जाने से बेहद संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साल उद्योग ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री ने आगे कहा कि इस दौरान खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में इज ऑफ डूइंग बिजनेस को और सुदृढ़ करना, निवेश और सोर्सिंग के अवसरों को बढ़ाना और प्रस्तावित परियोजनाओं का सुचारु एवं आसान क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर विस्तार पूर्वक चर्चाएं हुई। उन्होंने कहा कि प्रसंस्करण का विस्तार, गुणवत्तापूर्ण रोजगार का सृजन और निर्यात में वृद्धि—सरकार की सक्रिय भागीदारी के साथ 100 से ज्यादा एग्री फूड कंपनियों के सीईओ और वरिष्ठ नीति-निर्माता एक ही एजेंडे पर एकजुट हुए।
‘वर्ल्ड फूड इंडिया 2025’ शिखर सम्मेलन का आयोजन नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित ‘भारत मंडपम’ में हो रहा है। इसमें रूस के उप-प्रधानमंत्री दिमित्री पत्रिशेव सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भाग (Russian Deputy Prime Minister Dmitry Patrushev) ले रहे हैं। लगभग एक लाख वर्गमीटर में फैला यह आयोजन भारत में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र का अबतक का सबसे बड़ा सम्मेलन है।
इस सम्मेलन में 21 देशों की भागीदारी हो रही है। न्यूजीलैंड और सऊदी अरब इसके साझीदार देश हैं, जबकि जापान, रूस, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और वियतनाम को फोकस देश के रूप में (New Zealand and Saudi Arabia are partner countries, while Japan, Russia, the United Arab Emirates (UAE), and Vietnam have been selected as focus countries) चुना गया है। इसके अलावा 21 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों, 10 केंद्रीय मंत्रालयों, पांच संबद्ध सरकारी संगठनों और 1,700 से अधिक प्रदर्शकों की भी भागीदारी इस सम्मेलन में हो रही है।


