
नई दिल्ली : (New Delhi) अर्थव्यस्था के मोर्चे पर अच्छी खबर है। वस्तु एवं सेवा कर (Goods and Services Tax) (GST) राजस्व संग्रह से सरकार का खजाना भर गया है। दिसंबर में सकल जीएसटी राजस्व संग्रह 6.1 फीसदी बढ़कर 1.74 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। पिछले साल दिसंबर, 2024 में जीएसटी राजस्व संग्रह 1.64 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा था।
जीएसटी महानिदेशालय ने गुरुवार को जारी आंकड़ों में बताया कि जीएसटी दरों में कटौती के बाद घरेलू बिक्री राजस्व में वृद्धि सुस्त रहने से जीएसटी संग्रह की रफ्तार नरम पड़ी है। इसके बावजूद दिसंबर में सकल जीएसटी राजस्व संग्रह 6.1 फीसदी बढ़कर 1.74 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर में सेंट्रल जीएसटी संग्रह बढ़कर 34,289 करोड़ रुपये, स्टेट जीएसटी संग्रह (State GST collection) 41,368 करोड़ रुपये, जबकि आईजीएसटी संग्रह बढ़कर 98,894 करोड़ रुपये रहा है।
आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर, 2025 में घरेलू लेन-देन से सकल राजस्व 1.2 फीसदी बढ़कर 1.22 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया, जबकि आयातित वस्तुओं से राजस्व 19.7 फीसदी बढ़कर 51,977 करोड़ रुपये रहा। दिसंबर में कर ‘रिफंड’ 31 फीसदी बढ़कर 28,980 करोड़ रुपये रहा। आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर में शुद्ध जीएसटी राजस्व संग्रह (after adjusting for tax refunds) 1.45 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2.2 फीसदी अधिक है। पिछले महीने उपकर संग्रह घटकर 4,238 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 12,003 करोड़ रुपये रहा था।


