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New Delhi : विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना ने वैश्विक साझेदारी के साथ दिखाई समुद्री ताकत

New Delhi: Indian Navy showcases maritime prowess with global partnership in Visakhapatnam

राष्ट्रपति मुर्मु ने इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू देखकर समुद्री परंपराओं पर भरोसा जताया
नई दिल्ली : (New Delhi)
भारत ने ​1971 के युद्ध में जिस जगह में पाकिस्तान की पनडुब्बी गाजी को डुबो दिया था, वहीं एक बार फिर इतिहास की गूंज सुनाई दी। विशाखापत्तनम के उसी ऐतिहासिक किनारे पर बुधवार को भारतीय नौसेना ने अपनी समुद्री ताकत, व्यावसायिकता और वैश्विक साझेदारी का प्रदर्शन किया है। भारतीय सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (President Draupadi Murmu, the Supreme Commander of the Indian Armed Forces) ने इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू को देखा और भरोसा जताया कि इस फ्लीट रिव्यू में शामिल सभी नौसेनाएं मिलकर समुद्रों को दुनिया भर के विकास, खुशहाली और पूरी भलाई के रास्ते के तौर पर आगे बढ़ाने में मदद करेंगी।

राष्ट्रपति ने कहा कि इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू समुद्री परंपराओं के लिए देशों के बीच एकता, भरोसा और सम्मान दिखाता है। समुद्रों के साथ भारत का रिश्ता गहरा और हमेशा रहने वाला रहा है। सदियों से ये समुद्र भारत के लिए कॉमर्स, कनेक्शन और कल्चरल लेन-देन के रास्ते रहे हैं। उन्होंने कहा कि समुद्री क्षेत्र समेत इंटरनेशनल रिश्तों को लेकर भारत का नजरिया ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ या ‘दुनिया एक परिवार है’ की हमारी सोच को दिखाता है। उन्होंने सभी भारतीयों की ओर से मित्र देशों की नौसेनाओं के अधिकारियों और नाविकों को बधाई देते हुए कहा कि आप अपनी सेवाओं से अपने देशों की सबसे अच्छी परंपराओं को दिखाते हैं।

नौसेना के कैप्टन विवेक मधवाल (Navy Captain Vivek Madhwal) ने बताया कि यह भारत में किया गया तीसरा इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू है। आज हमने इस समुद्री समीक्षा में 70 से ज्यादा प्लेटफॉर्म्स को हिस्सा लेते देखा है, जिसमें 18 दूसरे देशों के 19 जहाजों के साथ ही भारतीय तटरक्षक बल और शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के जहाज शामिल हैं। इस साल भारत के फ्लीट रिव्यू में पहली बार देसी एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत हिस्सा ले रहा है। हमने मोबाइल कॉलम में देसी कलवरी-क्लास सबमरीन को भी हिस्सा लेते देखा है। इसके अलावा भारत में डिजाइन और बनाए गए हमारे कई प्लेटफॉर्म्स ने हिस्सा लिया है, जिनमें डिस्ट्रॉयर, फ्रिगेट, एएसडब्ल्यू शैलो वाटर क्राफ्ट, सर्वे वेसल और डाइविंग सपोर्ट वेसल शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि फ्लाईपास्ट के जरिये नौसेना की हवाई ताकत का प्रदर्शन किया गया है, जिसमें फाइटर, ट्रेनर, हेलीकॉप्टर और लंबी दूरी के मैरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट (fighter jets, trainers, helicopters, and long-range maritime patrol aircraft) रहे। इन सभी ने इस बार इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लिया है। कैप्टन मधवाल ने बताया कि विशाखापत्तनम में तीन बड़े कार्यक्रम इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू, बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास ‘मिलन’ और नौसेना प्रमुखों के कॉन्क्लेव के साथ भारत ऐतिहासिक समुद्री मेलजोल का एक अहम हिस्सा बन रहा है। इन कार्यक्रमों में 72 देशों के करीब 72 प्रतिनिधिमंडल हिस्सा ले रहे हैं।

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