नई दिल्ली : (New Delhi) अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर अच्छी खबर है। वैश्विक रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स (Global rating agency S&P Global Ratings) ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय अर्थव्यवस्था के 6.5 फीसदी और अगले वित्त वर्ष 2026-27 में 6.7 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान जताया है।
रेटिंग एजेंसी ने सोमवार को जारी ने अपनी ‘इकोनॉमिक आउटलुक एशिया-पैसिफिक रिपोर्ट’ में कहा, ‘‘हमारा अनुमान है कि भारत की सकल घरेलू उतपाद (gross domestic product) (GDP) 31 मार्च, 2026 को समाप्त चालू वित्त वर्ष 2025-26 में 6.5 फीसदी और अगले वित्त वर्ष 2026-27 में 6.7 फीसदी की दर से बढ़ेगी।एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने कहा कि कर कटौती और मौद्रिक नीति में ढील से उपभोग आधारित वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा। एजेंसी के मुताबिक भारत का वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद चालू वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल से जून अवधि में पांच तिमाहियों में सबसे तेज 7.8 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान है।
रेटिंग एजेंसी ने कहा, ‘‘माल एवं सेवा कर (GST) की कम दरें मध्यम वर्ग के उपभोग को बढ़ावा देंगी। इस वर्ष शुरू की गई आयकर कटौती एवं ब्याज दरों में कटौती का पूरक बनेंगी। इन बदलावों से चालू वित्त वर्ष 2025-26 और अगले वित्त वर्ष 2026-27 में निवेश की तुलना में उपभोग वृद्धि का एक बड़ा चालक बन सकता है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) (RBI) ने चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.8 फीसदी रहने का अनुमान जताया है, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की 6.5 फीसदी की वृद्धि दर से बेहतर है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के जीडीपी के आधिकारिक आंकड़े 28 नवंबर को जारी होने वाले हैं।


