
नई दिल्ली : (New Delhi) डेनमार्क के विश्व नंबर-3 और चार बार के विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता बैडमिंटन खिलाड़ी एंडर्स एंटोनसेन (Denmark’s world number 3 and four-time World Championship medalist, Anders Antonsen) ने दिल्ली में हो रहे इंडिया ओपन सुपर-750 बैडमिंटन टूर्नामेंट से लगातार तीसरे साल नाम वापस ले लिया है। एंटोनसेन ने इसका कारण राजधानी दिल्ली में मौजूदा अत्यधिक वायु प्रदूषण को बताया है।
28 वर्षीय एंटोनसेन ने बुधवार को इंस्टाग्राम पर लिखा, “कई लोग जानना चाहते हैं कि मैंने लगातार तीसरे साल इंडिया ओपन से नाम क्यों वापस लिया। फिलहाल दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बेहद गंभीर (pollution levels in Delhi are currently extremely high) है और मुझे नहीं लगता कि ऐसी स्थिति में यहां बैडमिंटन टूर्नामेंट आयोजित किया जाना चाहिए।”
हालांकि, उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि अगस्त में इसी वेन्यू पर होने वाली बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप के दौरान हालात बेहतर होंगे। एंटोनसेन ने कहा, “उम्मीद करता हूं कि गर्मियों में, जब वर्ल्ड चैंपियनशिप दिल्ली में होगी, तब परिस्थितियां बेहतर रहेंगी।”
उल्लेखनीय है कि वह अब तक विश्व चैंपियनशिप में एक रजत और तीन कांस्य पदक (one silver and three bronze medals) जीत चुके हैं। ड्रॉ जारी होने से पहले ही टूर्नामेंट से हटने के कारण एंटोनसेन पर विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) (Badminton World Federation)ने 5,000 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया है। उन्होंने 2023 में आखिरी बार इंडिया ओपन खेला था, जहां उन्हें दूसरे दौर में हार का सामना करना पड़ा था।
बीडब्ल्यूएफ के प्लेयर कमिटमेंट नियमों के अनुसार, ‘टॉप कमिटेड प्लेयर्स’ (सिंगल्स में शीर्ष-15 और डबल्स में शीर्ष-10 खिलाड़ी) के लिए वर्ल्ड टूर 750, वर्ल्ड टूर 1000 और वर्ल्ड टूर फाइनल्स में भाग लेना अनिवार्य है। बिना चोट या मेडिकल छूट के टूर्नामेंट से हटने पर खिलाड़ियों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार, एंटोनसेन ने बीडब्ल्यूएफ से छूट की अपील की थी, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया। हालांकि, नियमों में यह प्रावधान है कि खिलाड़ी टूर्नामेंट स्थल पर पहुंचकर एक दिन के प्रचार या मीडिया गतिविधियों में हिस्सा लेकर छूट पा सकते हैं। इसी रास्ते को मौजूदा विश्व चैंपियन और विश्व नंबर-1 शी यू ची ने अपनाया था, जिन्होंने प्रतियोगिता नहीं खेली, लेकिन दिल्ली आकर प्रचार गतिविधियों में हिस्सा लिया।
इस बीच, कोरिया की विश्व नंबर-1 पुरुष युगल जोड़ी किम वोन-हो और सियो सियुंग-जे ने भी बुधवार को अपने शुरुआती मैच से ठीक पहले नाम वापस ले लिया। सियो ने कंधे की चोट का हवाला दिया है।
एंटोनसेन का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब एक दिन पहले ही उनकी हमवतन मिया ब्लिचफेल्ट ने इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में स्वच्छता और परिस्थितियों को लेकर चिंता जताई थी। टूर्नामेंट को के.डी.जाधव इंडोर स्टेडियम से बड़े इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में स्थानांतरित (tournament was moved from the K.D. Jadhav Indoor Stadium to the larger Indira Gandhi Indoor Stadium) किया गया है। ब्लिचफेल्ट ने बड़े वेन्यू की सराहना तो की, लेकिन हालात को अब भी चुनौतीपूर्ण बताया।
यह स्थानांतरण आंशिक रूप से अगस्त में होने वाली विश्व चैंपियनशिप के लिए इस वेन्यू को टेस्ट इवेंट के रूप में इस्तेमाल करने के उद्देश्य से किया गया है। कुछ अन्य खिलाड़ियों ने भी दिल्ली की सर्दी के कारण वार्म-अप में दिक्कत होने की बात कही है।
इस मुद्दे पर बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव संजय मिश्रा (Badminton Association of India General Secretary Sanjay Mishra) ने सफाई देते हुए कहा कि ब्लिचफेल्ट की टिप्पणियां मुख्य खेल एरिना को लेकर नहीं थीं। उन्होंने कहा,“मिया की टिप्पणियां सामान्य परिस्थितियों और व्यक्तिगत स्वास्थ्य संवेदनशीलताओं से जुड़ी थीं, न कि इंडिया ओपन के मुख्य खेल स्थल से। उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्रतियोगिता स्थल अच्छी तरह से मेंटेन किया गया है।”
मिश्रा ने आगे कहा कि वार्म-अप एरिया के तौर पर इस्तेमाल हो रहे के.डी. जाधव स्टेडियम को लेकर उन्होंने अपनी व्यक्तिगत राय साझा की थी। उन्होंने कहा,“मुख्य एरिना को साफ-सुथरा, धूल-मुक्त और पक्षी-मुक्त रखा गया है और कई खिलाड़ियों ने वहां की परिस्थितियों पर संतोष जताया है।”


