
केंद्रीय मंत्री ने चार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनने पर आयोजन को ऑनलाइन संबोधित किया
नई दिल्ली : (New Delhi) केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Union Minister for Road Transport and Highways, Nitin Gadkari) ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्वस्तरीय राजमार्ग परियोजना और बड़े पैमाने पर परियोजना क्रियान्वयन में वैश्विक नेतृत्व की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
नितिन गडकरी ने आज आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी में एनएच-544जी बेंगलुरु-कडप्पा-विजयवाड़ा आर्थिक गलियारा (कॉरिडोर) पर बनाए गए चार गिनीज विश्व रिकॉर्ड (Guinness World Records) के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित किया। कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, एनएचएआई के अध्यक्ष संतोष यादव, सांसद पार्थसारथी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि भारत की इंजीनियरिंग क्षमता, नई तकनीकों के उपयोग और गुणवत्ता के साथ गति बढ़ाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highways Authority of India) (NHAI) और अनुबंधकर्ता राजपथ इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड को बधाई देते हुए कहा कि सरकार का मिशन लागत कम करते हुए गुणवत्ता में सुधार करना और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देना है।उन्होंने कहा कि नवाचार, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान के जरिए ज्ञान को संपदा में बदलना ही देश के भविष्य की दिशा तय करेगा और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति से असंभव को भी संभव किया जा सकता है।
गडकरी ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में सरकार लगातार नई तकनीकों का उपयोग कर रही है और गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा रहा है। हमारी कोशिश है कि राजमार्ग निर्माण की गति लगातार बढ़े, लागत घटे और साथ ही पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी का संरक्षण भी सुनिश्चित हो। अलग-अलग प्रकार की नई सामग्री और नवोन्मेषी (इनोवेटिव) तकनीकों का उपयोग कर सड़क निर्माण को अधिक टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल बनाया जा रहा है। हाल ही में केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (Central Road Research Institute) (CRRI) और वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के वैज्ञानिकों ने धान की पराली से बिटुमेन बनाने में सफलता हासिल की है और इस तकनीक को 15 उद्योगों को पेटेंट के रूप में प्रदान किया जा चुका है। अब देश में पराली से बिटुमेन का उत्पादन शुरू हो गया है, जिससे प्रदूषण की समस्या कम होगी और किसानों को भी लाभ मिलेगा।
गडकरी ने कहा कि नवाचार, उद्यमिता, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान के माध्यम से ज्ञान को संपदा में बदलना ही देश के भविष्य की दिशा तय करेगा। सरकार का स्पष्ट मिशन है कि निर्माण लागत को कम करते हुए गुणवत्ता में सुधार किया जाए और इसके लिए विश्व की सर्वश्रेष्ठ तकनीकों और सफल प्रयोगों को अपनाया जा रहा है। ऐसे रिकॉर्ड मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के बिना संभव नहीं होते। केंद्र सरकार की नीतिगत स्पष्टता, ठेकेदारों की प्रतिबद्धता और आंध्र प्रदेश सरकार तथा मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के सहयोग से यह ऐतिहासिक उपलब्धि संभव हो पाई है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की सोच हमेशा नए प्रयोगों, नई तकनीकों और विकासोन्मुख पहलों को प्रोत्साहित करने वाली रही है।
उल्लेखनीय है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highways Authority of India) (NHAI) ने निर्माणाधीन एनएच-544जी बेंगलुरु–कडप्पा–विजयवाड़ा आर्थिक गलियारा (कॉरिडोर) पर कुल चार गिनीज विश्व रिकॉर्ड बनाए हैं। 6 जनवरी को आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी के पास पहले दो रिकॉर्ड स्थापित किए गए, जिनमें 24 घंटे के भीतर 28.89 लेन किलोमीटर या तीन लेन चौड़े 9.63 किलोमीटर लंबे खंड में बिटुमिनस कंक्रीट की सबसे लंबी लगातार बिछावट और 24 घंटे में 10,655 मीट्रिक टन बिटुमिनस कंक्रीट की सबसे अधिक मात्रा लगातार बिछाने का रिकॉर्ड शामिल है। दोनों रिकॉर्ड छह लेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के तहत पहली बार विश्व स्तर पर बनाए गए। इसके बाद 11 जनवरी को दो और गिनीज विश्व रिकॉर्ड बनाए गए, जिनमें 57,500 मीट्रिक टन बिटुमिनस कंक्रीट की निरंतर बिछावट और 156 लेन किलोमीटर या तीन लेन चौड़े 52 किलोमीटर लंबे खंड की लगातार पेविंग का रिकॉर्ड शामिल है। इस दौरान 84.4 लेन किलोमीटर या दो लेन चौड़े 42.2 किलोमीटर लंबे खंड के पिछले विश्व रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया गया। ये रिकॉर्ड बेंगलुरु–कडप्पा–विजयवाड़ा आर्थिक गलियारा (कॉरिडोर) के पैकेज-2 और पैकेज-3 में बनाए गए।
एनएचएआई ने कंसेशनर एमएस राजपथ इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर अत्याधुनिक निर्माण तकनीक और मशीनरी का उपयोग करते हुए यह उपलब्धि हासिल की। निर्माण कार्य में 70 टिप्पर, पांच गरम मिश्रण संयंत्र (हॉट मिक्स प्लांट), एक पेवर और 17 रोलर लगाए गए। गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आईआईटी बॉम्बे सहित प्रमुख संस्थानों और मूल उपकरण निर्माता (ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स) द्वारा सख्त गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी की गई, जिससे सुरक्षा और गुणवत्ता के उच्चतम मानकों का पालन सुनिश्चित हुआ। 343 किलोमीटर लंबा यह प्रवेश-नियंत्रित (एक्सेस-कंट्रोल्ड) छह लेन आर्थिक गलियारा (कॉरिडोर) पूरा होने के बाद यात्रा दूरी को मौजूदा 635 किलोमीटर से घटाकर 535 किलोमीटर कर देगा और यात्रा समय को लगभग 12 घंटे से घटाकर करीब 8 घंटे कर देगा। यह गलियारा (कॉरिडोर) बेंगलुरु को विजयवाड़ा से जोड़ते हुए रायलसीमा क्षेत्र, आंध्र प्रदेश के तटीय और उत्तरी इलाकों तथा कोपार्थी औद्योगिक नोड के साथ संपर्क को मजबूत करेगा।
एनएचएआई द्वारा बनाए गए ये गिनीज विश्व रिकॉर्ड देश में सुरक्षित, तेज़ और आधुनिक राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माने जा रहे हैं।


