spot_img

New Delhi : म्यांमार में सेना के हमले में हुई मौतों को भारत ने बताया ‘परेशान करने वाला’

New Delhi: India described the deaths in the army attack in Myanmar as 'disturbing'

नई दिल्ली: (New Delhi) विदेश मंत्रालय ने म्यांमार में 11 अप्रैल को सैन्य शासन के विरोध में आयोजित कार्यक्रम में सेना के हमले में हुई मौतों की खबरों को परेशान करने वाला बताया है। भारत ने सभी पक्षों से शांतिपूर्ण समाधान खोजने का आह्वान किया है।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने साप्ताहिक पत्रकार वार्ता में कहा कि म्यांमार के सागैंग क्षेत्र में कमबालू टाउनशिप के पास हिंसा की परेशान कर देने वाली खबरें देखी हैं। एक पड़ोसी और म्यांमार के लोगों के मित्र के रूप में भारत बार-बार सभी पक्षों से हिंसा रोकने और सभी मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान खोजने का आह्वान करता है। भारत म्यांमार में शांति, स्थिरता और लोकतंत्र की वापसी के अपने आह्वान को दोहराता है।उल्लेखनीय है कि म्यांमार की सेना ने मंगलवार को सैन्य शासन के विरुद्ध एक कार्यक्रम में इकट्ठा आम नागरिकों की भीड़ पर हवाई हमले किए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस हमले में 100 से अधिक लोग मारे गए हैं।

जम्मू-कश्मीर में जी-20 से जुड़ी बैठक पर पाकिस्तान की आपत्तिः

भारत ने पाकिस्तान के जी-20 से जुड़ी बैठक को जम्मू-कश्मीर में आयोजित करने पर आपत्ति को नजरअंदाज कर दिया है। एक प्रश्न के उत्तर में प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि जी-20 बैठकें देशभर में हो रही हैं। जम्मू कश्मीर और लद्दाख में इस तरह की बैठकें होना स्वाभाविक है। दोनों ही क्षेत्र भारत के अभिन्न और अटूट अंग हैं।

चीन और ताइवान गतिरोधः

दक्षिण चीन सागर में युद्ध अभ्यास के नाम पर चीन के ताइवान को घेरने से जुड़े प्रश्न के उत्तर में बागची ने कहा कि भारत कानून और नियम आधारित व्यवस्था का पक्षधर रहा है। भारत शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी प्रकार के मसलों का समाधान बातचीत के जरिए करने का पक्षधर है।

खालिस्तानी तत्वों पर कार्रवाईः

विदेश में खालिस्तानी तत्वों पर कार्रवाई के मसले पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत ऐसे विरोधी तत्वों के खिलाफ लगातार कार्रवाई चाहता है। इसमें संतुष्ट होने जैसा कोई विषय नहीं है। हम चाहते हैं कि ऐसे तत्वों की पहचान हो, उनके खिलाफ कदम उठाए जाएं और भारतीय परिसरों और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि हम जमीन पर कार्रवाई देखना चाहते थे। भारत यूके सहित मेजबान देशों से चाहता है कि वे हमारे उच्चायोग में तोड़-फोड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें, उनकी पहचान करें और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करें।

एससीओ रक्षा विदेश बैठक में भागीदारीः

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा व विदेश मंत्रियों की भारत में होने वाली बैठक और सदस्य देशों की इसमें भागीदारी पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम सभी को निमंत्रण भेजते हैं। इसकी संस्तुति मिलती रहती है। हम प्रत्येक सदस्य से बैठक में भाग लेने की अपेक्षा करते हैं।

Explore our articles