
नयी दिल्ली : डेनमार्क के शहजादे फ्रेडरिक आंद्रे हेनरिक क्रिश्चियन ने सोमवार को कहा कि भारत और डेनमार्क में चांदी के खजाने की समृद्ध और ऐतिहासिक परंपराएं रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश बाकी दुनिया के लिए कलात्मक सांस्कृतिक आदान-प्रदान की एक सच्ची मिसाल पेश करेंगे।
फ्रेडरिक और उनकी पत्नी शहजादी मैरी एलिजाबेथ ने राष्ट्रीय संग्रहालय में भारत और डेनमार्क की चांदी की कलाकृतियों और आभूषणों पर केंद्रित एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसमें दोनों देशों के 250 से अधिक बेशकीमती चांदी के बर्तनों का प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शनी की लगभग 150 वस्तुएं, जिनमें से एक मोहनजोदड़ो युग की है, राष्ट्रीय संग्रहालय से प्राप्त की गईं।
इस अवसर पर केंद्रीय विदेश और संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी और डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोक्के रासमुसेन उपस्थित थे।
फ्रेडरिक ने राष्ट्रीय संग्रहालय में शाही दंपति की मेजबानी के लिए लेखी को धन्यवाद दिया और ‘चांदी पर केंद्रित प्रदर्शनी को असाधारण करार’ दिया।
संस्कृति मंत्राय ने अपने बयान में कहा, ‘‘नयी दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय ने देश में पहली बार एक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी की शुरुआत की जिसमें भारत और डेनमार्क के चांदी के वैभव और इतिहास को एकसाथ दिखाया गया।’’
इसके पहले फ्रेडरिक और मैरी ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी सुदेश से यहां सोमवार को मुलाकात की।
इसके बाद फ्रेडरिक ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के साथ साझा लोकतांत्रिक परंपराओं और दोनों देशों के बीच मित्रतापूर्ण संबंधों पर चर्चा की। उपराष्ट्रपति सचिवालय की ओर से कई ट्वीट करके यह जानकारी दी गई।
यह भी बताया गया कि चर्चा के दौरान दोनों ने भारत और डेनमार्क के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक गति प्रदान करने की अपनी साझा इच्छा को रेखांकित किया।
दो दिवसीय भारत यात्रा पर आए युगल ने रविवार को अगरा स्थित किला और ताजमहल भी देखा।


