
रक्षा सचिव ने रक्षा बजट में बढ़ोतरी को केंद्र सरकार का महत्वपूर्ण कदम बताया
नई दिल्ली : (New Delhi) लोकसभा में रविवार को पेश केंद्रीय बजट में डिफेंस सेक्टर के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये आवंटित होने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने कहा कि इससे भारत की रक्षा क्षमताओं को और मजबूती मिलेगी। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह (Defence Secretary Rajesh Kumar Singh) ने सेनाओं के आधुनिकीकरण और सशस्त्र बलों की क्षमता बढ़ाने के लिए रक्षा बजट में बढ़ोतरी को केंद्र सरकार का महत्वपूर्ण कदम बताया है।
केंद्रीय बजट पर रक्षा सचिव ने इस साल के बजट के हिस्से के तौर पर रक्षा क्षेत्र को आवंटित बजट पर ख़ुशी जताई। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय का कुल बजट 7.85 लाख करोड़ होगा, (total budget of the Ministry of Defence will be ₹7.85 lakh) जो पिछले साल के आवंटन से 15 फीसदी ज्यादा है। इससे भी जरूरी बात यह है कि पूंजीगत व्यय में कुल पूंजीगत व्यय परिव्यय 21 फीसदी बढ़कर लगभग 2.9 लाख करोड़ हो गया है। रक्षा सचिव ने कहा कि असल में बजट का बड़ा हिस्सा सेनाओं के आधुनिकीकरण, आधुनिक हथियार और दूसरे तकनीकी उन्नयन पर खर्च होता है, जो हमारे सशस्त्र बलों की क्षमता बढ़ाने के लिए जरूरी हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह बजट लोगों की भावनाओं और उम्मीदों पर खरा उतरता है। यह बजट आत्मनिर्भर भारत और 2047 तक विकसित भारत के विजन के लिए एक मजबूत नींव देता है, जिसमें समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता के बाद इस बजट ने देश के डिफेंस सिस्टम को और मजबूत करने के हमारे इरादे को और पक्का किया है। इस बजट का मुख्य फोकस हमारी तीनों सेनाओं का आधुनिकीकरण है। इसके लिए 1.85 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में लगभग 24 प्रतिशत अधिक है।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष हमारी सेनाओं के समग्र पूंजीगत व्यय के लिए 2.19 लाख करोड़ का प्रावधान (provision of ₹2.19 lakh crore has been made for the overall capital expenditure of our armed forces) किया गया है। इससे हमारी सैन्य क्षमता और अधिक सशक्त होगी। भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण को भी इस बजट में प्रमुख स्थान मिला है। पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत वर्तमान वर्ष की तुलना में लगभग 45 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए 12,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकताएं मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देंगी और टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर बनाएंगी।


