नयी दिल्ली: (New Delhi) शेयर बाजारों (stock markets) के खुलने के साथ ही सोमवार को सभी की निगाहें अडाणी समूह की कंपनियों के शेयरों पर हैं। अमेरिकी की शॉर्ट सेलिंग इकाई हिंडनबर्ग रिसर्च ने अडाणी समूह पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे, जिसके बाद समूह की कंपनियों के शेयरों में पिछले कुछ दिन में भारी गिरावट आई है। अडाणी समूह ने हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों के जवाब में 413 पृष्ठ का ‘स्पष्टीकरण’ जारी किया है।
अपनी रिपोर्ट के जवाब में रविवार को जारी अडाणी समूह की प्रतिक्रिया पर टिप्पणी करते हुए हिंडनबर्ग रिसर्च ने सोमवार को कहा कि उसका मानना है कि भारत एक जीवंत लोकतंत्र और उभरती महाशक्ति है। अडाणी समूह ‘व्यवस्थित लूट’ से भारत के भविष्य को रोक रहा है।
हिंडनबर्ग ने अडानी समूह के इस आरोप को खारिज कर दिया है कि उसकी रिपोर्ट भारत पर एक हमला थी। हिंडनबर्ग ने कहा कि धोखाधड़ी को ‘राष्ट्रवाद’ या ‘फूली प्रतिक्रिया’ से ढंका नहीं जा सकता।


