
नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली उच्च न्यायालय दिल्ली आबकारी घोटाला मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (former Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal) समेत सभी 23 आरोपितों को बरी करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली केंद्रीय जांच ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) (CBI) की याचिका पर 13 अप्रैल को सुनवाई करेगा। अदालत ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा (Justice Swarana Kanta Sharma) को इस मामले की सुनवाई से अलग करने की मांग पर सीबीआई को जवाब दाखिल करने को कहा। मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल को होगी।
सुनवाई के दौरान साेमवार काे उच्च न्यायालय में अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) खुद मौजूद थे। केजरीवाल ने कहा कि वो खुद इस मामले में दलीलें रखेंगे। इसके पहले केजरीवाल और मनीष सिसोदिया (Kejriwal and Manish Sisodia) ने चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय को पत्र लिखकर जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच को इस मामले की सुनवाई से अलग करने की मांग की थी, लेकिन चीफ जस्टिस ने इस अर्जी को खारिज कर दिया था।
कोर्ट ने 16 मार्च को केजरीवाल समेत सभी आरोपितों को जवाब देने के लिए समय दिया था। उच्च न्यायालय ने 9 मार्च को केजरीवाल समेत सभी आरोपितों को नोटिस जारी किया था। उच्च न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट की ओर से सीबीआई पर किए गए प्रतिकूल टिप्पणियों पर रोक लगा दी थी। इसके साथ ही ट्रायल कोर्ट को आदेश दिया था कि वो दिल्ली आबकारी घोटाला मामले (Delhi Excise Policy scam) से जुड़े मनी लांड्रिंग के मामले की आगे सुनवाई नहीं करें।


