नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने 2020 के विधानसभा चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के मामले में दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा (Delhi Law Minister Kapil Mishra) के खिलाफ मजिस्ट्रेट कोर्ट की ओर से आरोप तय करने के मामले पर सुनवाई पर रोक लगा दी है। जस्टिस रविंद्र डूडेजा (Justice Ravindra Dudeja) की बेंच ने इस मामले पर अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को करने का आदेश दिया।
कपिल मिश्रा ने राऊज एवेन्यू कोर्ट के सेशंस कोर्ट (Sessions Court of Rouse Avenue Court) के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। सेशंस कोर्ट ने 7 मार्च को कपिल मिश्रा की मजिस्ट्रेट कोर्ट की ओर से चार्जशीट पर संज्ञान लेने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी थी। मामला 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly elections) का है। 24 जनवरी, 2020 को मॉडल टाउन विधानसभा के निर्वाचन अधिकारी ने उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के डीसीपी को पत्र लिखकर कपिल मिश्रा के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत की। कपिल मिश्रा के असंतोषजनक जवाब के बाद निर्वाचन अधिकारी ने जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 125 के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी।
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने एक नवंबर, 2023 को चार्जशीट दाखिल की थी, जिसके बाद 4 मार्च, 2024 को आगे जांच की गई। उसके बाद दिल्ली पुलिस ने एक पूरक चार्जशीट दाखिल की। उसके बाद मजिस्ट्रेट कोर्ट ने चार्जशीट पर संज्ञान लेकर कपिल मिश्रा को नोटिस जारी किया था। मजिस्ट्रेट कोर्ट के इसी आदेश को कपिल मिश्रा ने चुनौती दी है।


