नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली उच्च न्यायालय (The Delhi High Court) ने कोरोना की दूसरी लहर के दौरान दवाइयों और ऑक्सीजन के अवैध भंडारण के मामले में पूर्व भाजपा सांसद व क्रिकेटर गौतम गंभीर (BJP MP and cricketer Gautam Gambhir) समेत दूसरे आरोपितों के खिलाफ ड्रग कंट्रोलर की ओर से दर्ज की गई एफआईआर को निरस्त कर दिया है। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने एफआईआर निरस्त (Justice Neena Bansal Krishna) करने का आदेश दिया।
दरअसल, गौतम गंभीर के खिलाफ दर्ज मामले में रोहिणी कोर्ट (Gautam Gambhir was being heard in the Rohini Court) में सुनवाई चल रही थी। ड्रग कंट्रोलर ने गौतम गंभीर के अलावा गौतम गंभीर फाउंडेशन, इसके सीईओ अपराजिता सिंह, सीमा गंभीर और नताशा गंभीर के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स कानून की धारा 18(सी) के तहत मामला दर्ज कराया था।
दिल्ली सरकार के ड्रग कंट्रोलर ने 8 जुलाई, 2021 को गौतम गंभीर फाउंडेशन और इसके ट्रस्टी और सीईओ के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के प्रावधानों के तहत अभियोजन शुरु किया था।
इसी तरह के आरोपों के तहत आम आदमी पार्टी नेताओं प्रवीण कुमार और इमरान हुसैन के खिलाफ भी अभियोजन शुरु किया गया था। तीनों के खिलाफ दवाइयों और ऑक्सीजन के अवैध भंडारण के आरोपों की जांच के बाद ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 18(सी) और 27(बी) के तहत अभियोजन शुरु किया गया।
गौतम गंभीर पर आरोप था कि उनके एनजीओ गौतम गंभीर फाउंडेशन ने मेडिकल कैंप (Gautam Gambhir was accused of hoarding COVID-19 medicines for medical camps through his NGO) लगाने के लिए कोरोना की दवाइयों की जमाखोरी की थी। वहीं, इमरान हुसैन पर आरोप था कि उन्होंने हरियाणा ड्रग कंट्रोल विभाग से अनाधिकृत रुप से मेडिकल ऑक्सीजन हासिल किया।


