
नई दिल्ली : (New Delhi) एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) के अंशकालिक चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती (Chairman, Atanu Chakraborty) के इस्तीफे से गुरुवार सुबह बैंक के शेयर करीब नौ फीसदी गिर गए। बैंक के बाजार पूंजीकरण (market cap) में 65,176.48 करोड़ रुपये की भारी गिरावट भी आई है। बैंक के शेयर अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचने से निवेशकों में चिंता बढ़ गई है।
देश के दूसरे सबसे बड़े ऋणदाता एचडीएएफसी बैंक के अंशकालिक चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने 18 मार्च को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अतनु चक्रवर्ती मई, 2021 में एचडीएफसी बैंक के बोर्ड में शामिल हुए थे। वे वित्त मंत्रालय में सेक्रेटरी, वर्ल्ड बैंक बोर्ड में अल्टरनेट गवर्नर और नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड (National Infrastructure Investment Fund) (NIIF) के चेयरमैन भी रह चुके हैं। वे गुजरात कैडर के आईएएस ऑफिसर थे।
नैतिक चिंताओं का हवाला देते हुए अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों में बैंक के भीतर की कुछ घटनाएं और काम के तरीके उनकी व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं थीं। इसी वजह से पद छोड़ने का फैसला लिया। चक्रवर्ती ने अपने पत्र में बैंक के स्वतंत्र निदेशकों और विभिन्न विभागों की सराहना भी की, लेकिन साथ ही संकेत दिया कि संगठन में बदलाव की जरूरत है।
केकी मिस्त्री बने अंशकालिक चेयरमैन
अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद एचडीएफसी लिमिटेड के पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी (Chief Executive Officer) (CEO) केकी मिस्त्री (Keki Mistry) को बैंक ने अस्थायी अंशकालिक चेयरमैन नियुक्त किया है। इस नियुक्ति को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) (RBI) से मंजूरी मिल चुकी है। रिजर्व बैंक ने भी एचडीएफसी बैंक में हाल के घटनाक्रमों का संज्ञान लिया है। बैंक के अनुरोध पर आरबीआई ने बैंक के अंशकालिक चेयरमैन के पद के संबंध में एक संक्रमणकालीन व्यवस्था को मंज़ूरी दे दी है।


