नई दिल्ली : (New Delhi) सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेईएम) (Government e-marketplace) ने 2016 में अपनी स्थापना के बाद से संचयी सकल व्यापारिक मूल्य (जीएमवी) में 15 लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक मील का पत्थर पार कर लिया है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने (The Ministry of Commerce and Industry) सोमवार को एक बयान में बताया कि जेईएम ने 2016 में अपनी स्थापना के बाद से संचयी सकल व्यापारिक मूल्य (जीएमवी) में 15 लाख करोड़ रुपये को पार कर लिया है। यह उपलब्धि न केवल संख्या में वृद्धि का प्रतीक है, बल्कि देशभर के खरीदारों और विक्रेताओं द्वारा इस प्लेटफॉर्म पर रखे गए सामूहिक विश्वास का भी प्रतीक है।
इस अवसर पर जेईएम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (GeM Chief Executive Officer) (सीईओ) मिहिर कुमार ने एक बयान में कहा, 15 लाख करोड़ रुपये के जीएमवी के आंकड़े को पार करना हमारे हितधारकों द्वारा जेईएम में रखे गए विश्वास का प्रमाण है। यह सफलता उन लाखों विक्रेताओं और खरीदारों की है, जिन्होंने भारत में सार्वजनिक खरीद के तरीके को बदल दिया है। हमारा ध्यान समावेशिता को गहरा करने, प्रक्रियाओं को सरल बनाने और नवाचार को बढ़ावा देने पर बना रहेगा, ताकि अवसर देश के हर कोने तक पहुंच सकें। कुमार ने कहा कि हम सब मिलकर, विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप एक पारदर्शी, जवाबदेह और डिजिटल रूप से सशक्त खरीद पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर रहे हैं।”
उल्लेखनीय है कि पिछले नौ वर्षों में जेईएम एक मजबूत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित हुआ है, जो सरकारी खरीदारों और विक्रेताओं के एक विविध समुदाय को एक साथ लाता है, जिसमें सूक्ष्म और लघु उद्यम (एमएसई), स्टार्टअप, महिला-नेतृत्व वाले व्यवसाय, एससी/एसटी उद्यम और स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) शामिल हैं।


