
नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (Delhi Police Crime Branch) ने दिल्ली-एनसीआर में नकली प्रोटीन सप्लीमेंट (fake protein supplements in Delhi-NCR) बनाकर बेचने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान दो आरोपितों को भी गिरफ्तार किया है, जो नामी ब्रांडों के नाम पर नकली प्रोटीन पाउडर तैयार कर बाजार में बेच रहे थे।
पुलिस के अनुसार, इन सप्लीमेंट्स के सेवन से लोगों में अंगों से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा हो सकता है।
क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त पंकज कुमार (Crime Branch Deputy Commissioner of Police Pankaj Kumar) ने रविवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मोहित तिवारी (30) और मोहित दीक्षित (30) के रूप में हुई है। दोनों ब्रह्मपुरी इलाके के रहने वाले हैं। इस मामले में क्राइम ब्रांच थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(4), 336(3), 336(4), 349, 61(2), 3(5) तथा कॉपीराइट एक्ट की धारा 63/65 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस उपायुक्त (Deputy Commissioner of Police) ने बताया कि क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि ब्रह्मपुरी इलाके में नकली प्रोटीन सप्लीमेंट तैयार कर बाजार में सप्लाई किए जा रहे हैं। सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर रामपाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 6 मार्च को ब्रह्मपुरी इलाके में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपितों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे नामी ब्रांडों के प्रोटीन सप्लीमेंट (well-known brands of protein supplement) की नकली पैकिंग तैयार कर उन्हें बाजार में असली बताकर बेचते थे। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने उनके अवैध मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर छापा मारकर भारी मात्रा में नकली प्रोटीन सप्लीमेंट, कच्चा माल और पैकेजिंग सामग्री बरामद की।
पुलिस ने मौके से करीब 100 किलो नकली प्रोटीन और 55 किलो कच्चा माल (100 kg of counterfeit protein and 55 kg of raw materials) बरामद किया है। इसके अलावा नामी ब्रांडों के नाम से तैयार पैकेट, फ्लेवरिंग एजेंट, स्टिकर, होलोग्राम, खाली जार, दो मिक्सिंग मशीन और दो वजन मशीन भी जब्त की गई हैं।
जांच में सामने आया है कि आरोपित माल्टो पाउडर, कोको पाउडर और अन्य फ्लेवरिंग एजेंट मिलाकर नकली प्रोटीन तैयार करते थे और उसे महंगे ब्रांड के नाम से पैक कर जिम और सप्लीमेंट की दुकानों में सप्लाई करते थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपित मोहित तिवारी (Mohit Tiwari) पहले चांदनी चौक में आयुर्वेदिक दवाओं की सप्लाई का काम करता था और बाद में एक सप्लीमेंट की दुकान में काम करने लगा। वहीं मोहित दीक्षित पिछले दो से तीन वर्षों से नकली सप्लीमेंट बनाने के इस अवैध धंधे में सक्रिय था।
क्राइम ब्रांच अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इसकी सप्लाई चेन की जांच कर रही है। पुलिस फरार आरोपित अनिल बिस्वा और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी हुई है।


