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New Delhi : गैलार्ड स्टील का आईपीओ लॉन्च, 26 नवंबर को होगी लिस्टिंग

नई दिल्ली : (New Delhi) रेलवे और डिफेंस सेक्टर से जुड़े उद्योगों के लिए रेडी-टू-यूज कंपोनेंट्स तैयार करने वाली कंपनी गैलार्ड स्टील का 37.50 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 21 नवंबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 24 नवंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 25 नवंबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 26 नवंबर को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म (BSE’s SME platform) पर लिस्ट हो सकते हैं।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 142 रुपये से लेकर 150 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,000 शेयर का है। गैलार्ड स्टील के इस आईपीओ (Gallard Steel IPO) में रिटेल इनवेस्टर्स 2 लॉट यानी 2,000 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 3 लाख रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 25 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं।

आईपीओ खुलने से एक कारोबारी दिन पहले 18 नवंबर को गैलार्ड स्टील ने 4 एंकर इनवेस्टर्स से 10.64 करोड़ रुपये जुटाए। इन एंकर इनवेस्टर्स में विकासा इंडिया ईआईएफ फंड (Vikasa India EIF Fund) सबसे बड़ा इनवेस्टर रहा, जिसने कंपनी से 2,09,000 शेयर खरीदे। इसके अलावा, कॉग्निजेंट कैपिटल डायनामिक अपॉर्च्युनिटीज फंड, सेगवन फ्लैगशिप ग्रोथ फंड और मिनर्वा वेंचर्स फंड जैसे प्रमुख नाम भी एंकर बुक में शामिल हुए हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (qualified institutional buyers) (QIBs) के लिए 47.32 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 33.28 प्रतिशत हिस्सा, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (non-institutional investors) (NIIs) के लिए 14.40 प्रतिशत हिस्सा और मार्केट मेकर्स के लिए 5 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए सेरेन कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है। वहीं अंकित कंसलटेंसी प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। जबकि असनानी स्टॉक ब्रोकर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 3.20 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 6.07 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी के मुनाफे में गिरावट आ गई। इस साल कंपनी को 4.29 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 27.86 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 53.52 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में गिर कर 32.14 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 17.59 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 20.38 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में फिसल कर 19.13 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 4.03 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 10.08 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 14.38 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह ईबीआईटीडीए (earnings before interest, taxes, depreciation, and amortization) 2022-23 में 5.07 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 12.47 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 7.42 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

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