
डीजीसीए ने एयरलाइन टिकट रिफंड नियमों में किया संशोधन
नई दिल्ली : (New Delhi) विमानन नियामक डीजीसीए ने एयरलाइन टिकट रिफंड नियमों (airline ticket refund rules) में संशोधन किया है। अब यात्री हवाई टिकट बुकिंग के 48 घंटे के भीतर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के टिकट रद्द या बदल सकते हैं, बशर्ते कुछ शर्तें पूरी हों। डीजीसीए ने यात्रियों के अनुकूल संशोधित नियम जारी किए हैं। इसके तहत एयरलाइन को यह सुनिश्चित करना होगा कि यदि यात्री टिकट बुकिंग के 24 घंटे के भीतर अपने नाम में कोई गलती दिखाए और टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट से बुक किया गया हो, तो इसका कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
डीजीसीए ने क्या कहा?
डीजीसीए ने कहा, यदि टिकट ट्रैवल एजेंट या पोर्टल (travel agent or portal) के माध्यम से खरीदी गई है, तो रिफंड की जिम्मेदारी एयरलाइन की होगी क्योंकि एजेंट उनके नियुक्त प्रतिनिधि हैं। एयरलाइन यह सुनिश्चित करें कि रिफंड प्रक्रिया 14 कार्यदिवसों के भीतर पूरी हो। इसके अलावा, यात्री या उसके परिवार के किसी सदस्य की चिकित्सा आपात स्थिति के कारण टिकट रद्द करने की शर्तों में भी बदलाव किए गए हैं। यह संशोधन इसलिए किया गया है, क्योंकि पिछले समय में यात्रियों की शिकायतें बढ़ रही थीं कि उन्हें समय पर रिफंड नहीं मिल रहा। टिकट रिफंड का मुद्दा दिसंबर 2025 में इंडिगो की उड़ानों में बाधा के दौरान भी सामने आया था, जब विमानन मंत्रालय ने एयरलाइन को निर्देश दिया था कि रिफंड को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। संशोधित नियम 24 फरवरी को जारी किया गया।
एयरलाइन को प्रदान करना होगा ‘लुक-इन’ विकल्प
अब एयरलाइन को यात्रियों को टिकट बुकिंग के 48 घंटे के लिए ‘लुक-इन’ विकल्प प्रदान करना होगा। इस अवधि में यात्री बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के टिकट रद्द या संशोधित कर सकता है, बस संशोधित उड़ान के लिए सामान्य प्रचलित किराए का भुगतान करना होगा।
किन उड़ानों के लिए नहीं होगी यह सुविधा?
डीजीसीए ने कहा कि यह सुविधा उन उड़ानों के लिए उपलब्ध नहीं होगी, जिनकी प्रस्थान तिथि बुकिंग की तारीख से कम से कम सात दिन (domestic flights) और 15 दिन (international flights) दूर है, यदि टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट से बुक की गई हो। 48 घंटे की अवधि समाप्त होने के बाद यह विकल्प उपलब्ध नहीं होगा और यात्री को संशोधन या रद्द करने के लिए संबंधित शुल्क देना होगा।


