नई दिल्ली : (New Delhi) भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी डीपी मनु पर डोपिंग के मामले में नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (National Anti-Doping Agency) (नाडा) ने चार साल का प्रतिबंध लगा दिया है। मनु के सैंपल में प्रतिबंधित पदार्थ मेथाइलटेस्टोस्टेरोन पाया गया, जिसके बाद यह सजा सुनाई गई है।
25 वर्षीय डीपी मनु (25-year-old DP Manu) ने 2023 एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था और बुडापेस्ट वर्ल्ड चैंपियनशिप में छठे स्थान पर रहे थे। अप्रैल 2024 में बेंगलुरु में आयोजित इंडियन ग्रां प्री-1 में उन्होंने 81.91 मीटर भाला फेंककर प्रतियोगिता जीती थी। इसी इवेंट के दौरान लिए गए उनके सैंपल में डोपिंग की पुष्टि हुई।
डोप टेस्ट के बाद भी मनु ने दो और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। हालांकि, वह पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए निर्धारित 85.50 मीटर क्वालिफाइंग मार्क पार नहीं कर सके। इसके बावजूद, उनकी वर्ल्ड रैंकिंग के आधार पर ओलंपिक में जगह मिलने की संभावना थी लेकिन नेशनल इंटर-स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप, पंचकूला से पहले नाडा ने उन्हें प्रोविजनल सस्पेंड कर दिया था।
मार्च में हुआ अंतिम फैसला
नाडा के एंटी डोपिंग डिसिप्लिनरी पैनल द्वारा जारी ताजा लिस्ट के मुताबिक, डीपी मनु के केस में अंतिम फैसला 3 मार्च को सुनाया गया। उनका चार साल का प्रतिबंध 24 जून 2024 से प्रभावी माना जाएगा, यानी उसी तारीख से उनकी सजा की गिनती शुरू होगी।


