
नई दिल्ली : (New Delhi) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission) (एनएचआरसी) के हस्तक्षेप के बाद विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) ने थाईलैंड सेे 6 भारतीय श्रमिकों में से 4 की सुरक्षित घर वापसी करवाई।
एनएचआरसी के अनुसार प्रकाशित खबरों का स्वतः संज्ञान लेते हुए 20 फरवरी को विदेश मंत्रालय को एक पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक स्थित एक कारखाने में अपने नियोक्ता द्वारा कई महीनों से बंधक बनाए गए 6 भारतीय श्रमिकों को शीघ्र छुड़ाने का आग्रह किया था।
पत्र के अगले दिन ही विदेश मंत्रालय के दक्षिणी प्रभाग ने थाईलैंड अधिकारियों से उन्हें छुड़ाने का अनुरोध किया और उस कंपनी के मालिक से भी संपर्क किया, जहां कथित तौर पर ये छह श्रमिक काम कर रहे थे। मंत्रालय की तुरंत कार्रवाई से 6 श्रमिकों में से 4 को तत्काल भारत वापस बुला लिया, जिसका पूरा खर्चा उनके नियोक्ता द्वारा वहन किया गया।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि वह शेष दो बचाए गए श्रमिकों की स्वदेश वापसी के मामले को थाईलैंड आव्रजन अधिकारियों के संपर्क में हैं क्योंकि वे अपने वीजा की अवधि से अधिक समय तक रुके हुए थे।
उल्लेखनीय है कि 17 फरवरी 2026 को सोशल मीडिया में एक वीडियो सामने आया था जिसमें ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले (Odisha’s Kendrapara district) के श्रमिकों ने अपनी दुर्दशा बयां की। बैंकॉक के पास एक कारखाने में उनके मालिक ने उन्हें बंधक बनाकर रखा था और शारीरिक एवं मानसिक यातनाएं दे रहे थे। उन्हें प्लाईवुड कारखाने में बिना वेतन और उचित भोजन के प्रतिदिन 12 घंटे काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा था।


